तेजस्वी यादव के बयान के बाद जीतन राम मांझी का पलटवा’र कहा की राज्य सभा मे पूंजीपति को भेजे है तो तेजस्वी बताये की महागठबंधन में कब से वह कार्यकर्ता थे और पार्टी के लिए उन्होंने कितना काम किया था. जीतन राम माँझी यानी मेरे बेटे को एमएलसी बनाने की बात कह रहे है तेजस्वी तो यह जान ले कि तेजस्वी भूल जाते है लालू जी की बात याद दिला रहा हूं कि लालू यादव व्यग्र हो गए थे जब अररिया का उपचुनाव था 10 बार टेलीफोन किए थे और हम गए और जीत हुई मैंने कभी नहीं कहा था कि मेरे बेटे को एमएलसी बनाया जाए लालू यादव खुशामद में पहले ही बोल रहे थे कि जीतन राम मांझी के बेटे को एमएलसी बनाएंगे और उसका लाभ भी मिला सरफराज की जीत हुई यादव बहुल इलाका है वहां पर सरफराज हार गया था तीनो विधान सभा जहाँ मै गया था वहाँ लाख-लाख वोट मिला.

जहानाबाद में मुंद्रिका सिंह यादव 15 हजार वोट से जीतते थे और 2015 के चुनाव में स्थिति क्या थी जब नीतीश कुमार के साथ RJD थी लेकिन उप चुनाव में जब मैने साथ दिया तो 36 हजार से जहानाबाद सीट पर जीत हुई वह 16 हजार वोट किसका था बताये तेजस्वी .जीतन राम मांझी जब कोआर्डिनेशन कमेटी की बात करता है तो तेजस्वी को तीता लगता है आज कांग्रेस जो नाराज चल रही है उसका गवाह हम हैं औरंगाबाद की सीट मुझे इस शर्त पर दिया गया था कि कांग्रेस के एक सदस्य को राजसभा दिया जाएगा लेकिन आरजेडी ने धोखा दिया.

RJD को बड़ा गुमान है तो LJP मुस्लिमों का वोट और आरजेडी का वोट 2010 में मिला था तो भी RJD, 22 सीट पर आई तो इस तरह का पैंतरा आरजेडी करेगी तो इस चुनाव में 22 सीट भी RJD को मिल पाएगा कि नहीं इसकी भी उम्मीद नहीं है
30 मार्च के बाद कोई रणनीति जरूर बनेगी






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