राजद के वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे बिहार विधान परिषद में निर्विरोध उपसभापति चुने गए। विधान परिषद् में जदयू के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर पहले ही सभापति चुने जा चुके हैं। 75 वर्षीय रामचंद्र पूर्वे ने इस अवसर पर विधान परिषद में बोलते हुए लालू प्रसाद के 33 वर्षीय पुत्र तेजस्वी यादव को अपना भाई बताया। विपक्ष की तरफ से उनको टोका भी गया, लेकिन रामचंद्र पूर्व ने कहा कि, नहीं तेजस्वी यादव उनके पुत्र समान नहीं, बल्कि भाई समान हैं। रामचद्र पूर्व लालू प्रसाद की सरकार में मंत्री रह चुके हैं और लालू प्रसाद के मित्रवत रहे हैं।
राम मनोहर लोहिया के सीता-राम राज की अवधारणा को याद किया
रामचंद्र पूर्व ने इस अवसर पर कहा कि ‘नकारात्मक न्यूज से कभी- कभी माइंड भी नकारात्मक हो जाता है। तब हम लोग पीस ऑफ माइंड सुनते हैं। इसलिए महागठबंधन सरकार द्वारा जो काम किया जा रहा है, उसका भी कवरेज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपसभापति का दायित्व मिलने पर मैं अभिभूत हूं। सभापति देवेश चंद्र ठाकुर के साथ मिलकर मैं इसका निर्वहन ईमानदारी से करुंगा। स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन के समय कौंसिल प्रवेश का विरोध किया जा रहा था पर मोतीलाल नेहरु, मदन मोहन मालवीय आदि के द्वारा स्वराज पार्टी का गठन किया गया और कौंसिल प्रवेश हुआ। कौंसिल में जब वे लोग गए तो उनकी सकारात्मक भूमिका को देखते हुए कांग्रेस ने तय किया कि कौंसिल में जाएंगे। बिहार और उड़ीसा विधानपरिषद की बैठक जो बांकीपुर में हुई थी उसमें शिक्षा व्यवस्था में सुधारने का सवाल पूछा गया था। 1913 में पहली बैठक हुई थी।
कहा कि सभापति और उपसभापति दोनों सीतामढ़ी से आते हैं। मां सीता, सादगी की प्रतीक हैं। पति की वैसी प्रतिबद्धता कहीं और नहीं मिलती है। महात्मा गांधी के राम राज की परिकल्पना को विस्तारित करते हुए डॉ. लोहिया ने कहा सीता-रामराज्य की स्थापना की जरूरत है।’ पूर्वे ने लालू प्रसाद के साथ ही नीतीश कुमार की भी खूब तारीफ की।
पूर्वे जैसे विद्वान की भाषा समझने की औकात विपक्ष में नहीं – चित्तरंजन गगन
परिषद में नीतीश कुमार के कटु आलोचक रहे सुनील कुमार सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीतीश कुमार को सबसे बड़ा समाजवादी नेता कहा है। राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि रामचंद्र पूर्वे जैसे बौद्धिक व्यक्ति की भाषा समझने की औकात विपक्ष के किस नेता में हैं?



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