उत्तर बिहार के सबसे बड़े साइबर फ्राॅड पंकज के दाे शागिर्दाें काे 59 एटीएम कार्ड और एक लाख कैश के साथ दरभंगा में गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से तीन माेबाइल और एक बाइक भी जब्त की गई है। यह गिराेह एटीएम फ्राॅड मैनेजमेंट कंपनी चलाता है। गिरफ्तार विकास सहनी इस कंपनी के सरगना पंकज सहनी के गांव मीनापुर के मधुबन का है, जबकि दूसरा बाेचहां का राजा बताया गया है।
दरभंगा पुलिस की टेक्निकल टीम ने पूछताछ के बाद गुरुवार काे दाेनाें काे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जेल से दाेनाें काे मुजफ्फरपुर के पानापुर की पुलिस रिमांड पर लेगी। गाैरतलब है कि इस गिराेह का सरगना साइबर माफिया पंकज सहनी और उसी के गांव का िवकास सहनी (दूसरा विकास) अभी जेल में है। उन दाेनाें काे मुजफ्फरपुर पुलिस ने बीते जून में गिरफ्तार किया था।
पंकज के जेल जाने के बाद विकास व राजा गैंग काे ऑपरेट कर रहा था जिन्हें दरभंगा के सिमरी थाने की पुलिस व टेक्निकल सेल की टीम ने दबाेचा। विकास अच्छे लाल सहनी का पुत्र है, जबकि बोचहां थाने के पिरखपुर निवासी राजा सहनी स्व. अशोक सहनी का पुत्र। इस गैंग ने उत्तर बिहार के दरभंगा, मधुबनी, मोतिहारी, सीतामढ़ी जिले में फ्राॅड करने समेत बहेड़ा में भी फ्राॅड किए जाने की जानकारी दी है। विकास और राजा ने पुलिस को यह भी बताया कि इनके गिरोह के लाेग कई जिलाें में अलग-अलग समयों पर इस धंधे काे लेकर निकलते हैं और जहां कार्ड हाथ लगते रुपए की निकासी कर वहां से चल देते हैं। दरभंगा सदर डीएसपी ने कहा िक दोनों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दोनों ने एक बुजुर्ग के खाते से निकाले थे 1.12 लाख
सरगना पंकज अपने नाम पर कंपनी खाेले हुए है। गिरफ्तार शागिर्दों ने पुलिस को पूछताछ में वही बताया जाे दैनिक भास्कर ने इन्वेस्टिगेशन में खुलासा किया था। बताया कि ये एटीएम या आसपास खड़े रहते हैं।
लोग जब एटीएम से रुपए नहीं निकाल पाते तो मदद के नाम पर कार्ड बदल लेते हैं। पासवर्ड भी चालाकी से देख लेते। उसके जाते एटीएम से निकासी कर लेते हैं। कुछ दिन पहले भी राजा ने एक बुजुर्ग का कार्ड बदलकर उसके खाते से एक लाख 12 हजार रुपए निकाले थे। इस बाबत सिमरी थाने में मामला दर्ज है।







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