सूर्यदेव को समर्पित छठ पर्व नहाय-खाय के साथ 28 मार्च से प्रारंभ होगा। होली समाप्त होने के बाद छठ के गीत अब आमलोगों के कानों में गूंजने लगे हैं। चार दिवसीय छठ की तैयारी भी शुरू हो गई है। पौराणिक स्थल देव में एसडीओ डॉ. प्रदीप कुमार, एएसपी अभियान राजेश कुमार और एसडीपीओ अनूप कुमार ने स्थानीय पदाधिकारियों के साथ मेला की तैयरियों का जायजा लिया और कई निर्देश भी दिए। जायजा लेने के बाद उन्होंने अधिकारियों व न्यास समिति के सदस्यों के साथ बैठक भी की। सूर्यकुंड तालाब का निरीक्षण करते हुए घाटों के रंगाई-पुताई के साथ बैरेकेडिंग करने का निर्देश दिया। बैठक में एसडीओ ने छठ मेले के दौरान की जानेवाली अन्य व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की।

अधिकारियों ने कहा की व्रतियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा। देव बाजार से अतिक्रमण हटाने की वर्तमान स्थिति का भी एसडीओ ने जायजा लिया। सुरक्षा, पार्किंग, विद्युत आपूर्ति, दुग्ध आपूर्ति, सडक़ मरम्मत, पेयजलापूर्ति, प्रकाश की व्यवस्था, सूर्यकुंड तालाब में पर्याप्त पानी की व्यवस्था, हाईमास्ट लाइट जलाने सहित अन्य विषय पर चर्चा करते हुए निर्देशित किया। ज्ञात हो कि चार दिनों तक चलने वाले चैती छठ मेले की शुरुआत 28 मार्च को नहाय-खाय के साथ होगी। 29 मार्च को खरना, 30 मार्च को अस्ताचलगामी सूर्य व 31 मार्च को उदीयमान सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा। सूर्य नगरी देव में लाखों छठव्रती भगवान सूर्य को अघ्र्यदान करने पहुंचते हैं। कार्तिक छठ मेला के दौरान 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अघ्र्यदान किया था।




Input: Patrika



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