नाथनगर के दाेगच्छी से शहर हाेते हुए जीराेमाइल तक की सड़क के वन टाइम मेंटेनेंस के लिए पहले एस्टीमेट बनाकर भेजा गया। फिर इसकी डीपीआर तैयार कर भेजी गई। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई। पिछले साल सितंबर में टेक्निकल बिड खुला, जिसमें चार ठेकेदार ने आवेदन किया था। इसके बाद फिनांशियल बिड की प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन यह अब तक पूरी नहीं हाे सकी।
इस दाैरान पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सिर्फ जानकारी मांगी जा रही है। लेकिन टेंडर फाइनल नहीं हाे पा रहा है। पहले मंत्रालय ने पूछा कि टेंडर में इतना समय क्याें लगा? चूंकि पिछले साल काेराेना का समय था, ताे उस कारण देरी हुई। इसके बाद अब पूछा गया कि इतनी देरी हुई ताे इस पर लागत कितना बढ़ जाएगा। इस पर विभाग ने जवाब भी भेज दिया है। इसमें बताया गया है कि नाै कराेड़ की लागत से सड़क बननी थी। लेकिन अब करीब दाे कराेड़ रुपए अधिक लगने की संभावना है। मंत्रालय से केवल जानकारी ली जा रही है। लेकिन टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हाे पा रही है। केंद्रीय पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सितंबर 2020 में ही घाेषणा की थी कि घाेरघट से मिर्जाचाैकी के बीच एनएच-80 काे चाैड़ा करने के लिए 971 कराेड़ रुपए स्वीकृत की गई है। तत्काल मरम्मत के लिए 20 कराेड़ रुपए की मंजूरी की बात कही थी। शहर से गुजरे एनएच-80 के मेंटेनेंस के लिए नाै कराेड़ रुपए स्वीकृत किए गए और इस काम का जिम्मा पथ निर्माण विभाग काे साैंपा गया। फिर टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन अगस्त 2022 बीतने काे है, लेकिन अब तक टेंडर फाइनल नहीं हाे सका है।
मेंटेनेंस के अभाव में बिगड़ रही सड़क की हालत
मेंटेनेंस नहीं हाेने से एनएच की हालत लगातार खराब हाेती जा रही है। सड़क ऊबड़-खाबड़ हाे गई है। जहां चिप्पी साटी गई है, वे हिस्सा ऊंची हाे गई है, बाकी नीचे हाे गई है। इसके साथ ही जिन हिस्साें में खासकर बड़ी पाेस्ट ऑफिस से घंटाघर हाेते हुए पटल बाबू राेड में पीसीसी सड़क है, वहां भी अब गिट्टी झांकने लगी है। जीराे माइल चाैक के पास गड्ढे बन गए हैं। मुस्लिम हाईस्कूल के पास भी बीच-बीच गड्ढे हाे जाते हैं और उसे भरा जाता है। तातारपुर से परबत्ती के बीच की सड़क पर जगह-जगह सड़क की हालत खराब हाे गई है। उल्टा पुल से नीचे हल्की बारिश में तालाब से बन जाता है।
मंत्रालय काे भेजी गई जानकारी
नाथनगर के दाेगच्छी से शहर हाेते हुए जीराेमाइल के बीच सड़क के मेंटेनेंस के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए मंत्रालय से कुछ जानकारी मांगी गई थी, जिसे भेज दी गई है।
-नवल किशाेर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पथ निर्माण विभाग







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