पूर्व केंद्रीय मंत्री और JDU के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह जल्द भाजपा में शामिल होंगे। ये ऐलान खुद आरसीपी सिंह ने किया है। इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर नीतीश कुमार पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सात जन्म में भी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं
उन्होंने अपने मंत्री बनने के सवाल पर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार झूठ बोल रहे हैं। नीतीश कुमार की सहमति से ही वह मंत्री बने थे और इसकी पूरी जानकारी वर्तमान के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को थी। यह सभी लोग झूठे हैं। बता दें कि आरसीपी सिंह आज नालंदा से गोपालगंज जा रहे हैं। वहां थावे मंदिर में दर्शन करेंगे। रास्ते भर में उनका स्वागत किया गया।
जेडीयू में आरसीपी सिंह को लेकर काफी बवाल हुआ था। माना जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू में गठबंधन टूटने के तत्कालीन कारण आरसीपी सिंह ही रहे हैं। गठबंधन टूटने से 2 दिन पहले आरसीपी सिंह को जेडीयू ने शोकॉज नोटिस जारी किया था कि आपने और कुछ संपत्ति बनाई है। उसके बाद मामला बिगड़ता गया और जेडीयू और बीजेपी का गठबंधन टूट गया।

RCP सिंह ने 7 अगस्त को जेडीयू से इस्तीफा दे दिया था।
जेडीयू ने आरसीपी सिंह पर लगाया आरोप
जेडीयू के तरफ से आरसीपी सिंह पर यह आरोप लगाया गया था कि वह बिना पूछे केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो गए थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोई सहमति नहीं थी। उसका जवाब देते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि सभी झूठ बोल रहे हैं उन्होंने कभी भी बिना पूछे कोई काम नहीं किया है। बीजेपी ने एक ही मंत्री पद के लिए ऑफर दिया था और वह नीतीश कुमार से पूछकर ही केंद्र में मंत्री बने थे।
आरसीपी सिंह बोले- नीतीश कभी पीएम नहीं बन सकते
आरसीपी सिंह ने कहा कि जो सपना संजो कर नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल हुए हैं, वह सपना सात जन्म में भी पूरा नहीं होगा। नीतीश कुमार कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं।
बिहार की जनता तय करेगी हमें क्या करना है :RCP
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने गुरुवार को यह भी कहा कि बिहार की जनता देख रही है कि कौन लोग क्या बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता तय करेगी कि हमें आगे क्या करना है। इसके लिए अपने समर्थकों से भी बात करेंगे। उन्होंने कहा कि जो सत्ता परिवर्तन हुआ है उसका अंदेशा उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद ही लगाया जा रहा था और वे इस निर्णय का शुरू से विरोध कर रहा थे।
उन्होंने कहा की बिहार की जनता ने एनडीए को 2025 तक सरकार चलाने का बहुमत दिया था, लेकिन बीच में दल बदल लेने से जदयू का सेहत प्रभावित हुआ है और मुख्यमंत्री जी की सुचिता भी प्रभावित हुई है। अभी तो 43 जीते हुए विधायक हैं और जिन 72 ने महागठबंधन के खिलाफ चुनाव हार कर अपनी आहुति दी है उन उम्मीदवारों का क्या होगा इस पर भी पार्टी नेतृत्व को सोचना चाहिए।
जानिए कौन हैं आरसीपी सिंह 63 वर्षीय सिंह आरसीपी मूल रूप से नालंदा के रहने वाले हैं, यहीं से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हैं। दोनों कुर्मी समाज से आते हैं। राजनीति में आने से पहले RCP सिंह उत्तर प्रदेश काडर के IAS अधिकारी रह चुके हैं। बताया जाता है कि 1996 में जब नीतीश कुमार केंद्र में अटल सरकार में मंत्री थे तो उसी दौरान उनकी नजर आरसीपी सिंह पर पड़ी।





इस दौरान आरसीपी सिंह केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के निजी सचिव थे। इसके बाद नीतीश कुमार जब रेल मंत्री बने तो उन्होंने अपना विशेष सचिव बनाया। 2005 में जब बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने आरसीपी सिंह को दिल्ली से बिहार बुला लिया। 2005 से 2010 के बीच आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के प्रधान सचिव रहे। इस दौरान पार्टी में आरसीपी सिंह की पकड़ मजबूत होने लगी।
धीरे-धीरे पार्टी में उनका कद बढ़ता गया और वे नीतीश के बाद नंबर-2 के नेता बने गए थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे, लेकिन बीजेपी से नजदीकी और जदयू को तोड़ने का आरोप लगने पर उन्होंने 7 अगस्त को इस्तीफा दे दिया था।

RCP पर JDU में तोड़फोड़ के भी आरोप लगे थे।
JNU से ली उच्च शिक्षा
आरसीपी सिंह ने 2010 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से वीआरएस के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी। इसके बाद नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह को राज्यसभा भेज दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से ग्रहण की है।
दो बेटियों में एक IPS
आरसीपी सिंह का जन्म बिहार के नालंदा जिले के मुस्तफापुर में 6 जुलाई 1958 में हुआ था। उन्होंने पटना साइंस कॉलेज से बीए, इतिहास (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की। हाईस्कूल की पढ़ाई नालंदा जिले के हुसैनपुर से की है। 1982 में उनकी शादी गिरिजा देवी से हुई है। 1984 में उन्होंने UPSC की प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल की। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी लिपि सिंह 2016 बैच की IPS अधिकारी हैं।



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