प्रकृतिआपदा में फसल क्ष’ति होने के उपरांत दी जाने वाली प्रति हेक्टेयर सरकारी मुआवजा 13050 रुपया पूरी तरह अपर्याप्त है । सरकार इस मुआवजे की राशि को तत्काल किसान हित में प्रति हेक्टेयर 25000 रू करें। तभी किसान को राहत होगा, फिर किसान अगले फसल की तैयारी कर सकेंगे। अन्यथा बर्बाद किसान फटे हाल हो जाएंगे। उक्त बातें रविवार को कांटी क्षेत्र के मुस्तफापुर व दादर गांव में प्रकृति आपदा से प्रभावित किसानों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने कहा । उन्होंने कहा कि इस इलाके के किसान- मजदूर लगातार प्रकृति आपदा से त्रस्त हैं। कभी जंगली जानवर के आतंक तो कभी बाढ़ व सुखार फिर बरसात तूफान का लगातार शिकार बनते आ रहे हैं। ये किसान पूरी तरह से आर्थिक एवं मानसिक रूप से टू’ट चुके हैं।

यदि सरकार इन्हें क्षति का पर्याप्त मुआवजा नहीं देगी, तो ये खेती छोड़ रोटी के लिए प्रदेश पलायन कर जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से किसान हित में शीघ्र सभी नियमों को शिथिल करते हुए 25000रु प्रति हेक्टर फसल क्षति मुआवजा किसानो को देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांटी व मड़बन क्षेत्र के 75% से अधिक किसानो का फसल बर्बाद हुआ है।

श्री कुमार ने कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि इस विपदा के घरी में अभी तक इस इलाके में एक भी अधिकारी किसानों का सुधि लेने नहीं आए हैं । उल्टे यहां पदस्थापित कर्मचारी किसानों का शोषण करने में लगे हैं। जो दुखद है । इससे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने किसानों का आवाहन करते हुए कहा कि आप समाज के तपे तपाए वर्ग हैं । आपको घबराने की जरूरत नहीं है हम आपके साथ हैं हम लड़कर आप को मुआवजा दिलाएंगे।
सभा की अध्यक्षता पूर्व मुखिया अशोक पासवान ने किया। मौके पर दीनबंधु कुशवाहा, लक्ष्मण प्रसाद, अजय सिंह, गगन देव यादव, राम जपु यादव , रमेश कुशवाहा, संजय यादव , देवेंद्र साहनी, दिलीप कुशवाहा, शंभू राय ,राम स्कूल प्रसाद , शिवनाथ साह, सोनू कुमार राम, शिवजी पासवान, वीरेंद्र पासवान ,वकील सहनी ,राजेश चौधरी, शिव शंकर सहनी, आदि कई किसानों ने सभा को संबोधित किया।
अजीत कुमार
पूर्व मंत्री






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