अनंत सिंह के खासमखास माने जाने वाले कार्तिकेय कुमार उर्फ मास्टर साहब नीतीश- तेजस्वी सरकार में मंत्री बनने जा रहे हैं। वे जाति से भूमिहार हैं। हालांकि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और अनंत सिंह के बीच तनातनी जगजाहिर है लेकिन लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने कार्तिकेय कुमार को मंत्री पद देने पर अपना वीटो लगा दिया
लालू प्रसाद ने खुद कार्तिकेय के नाम की घोषणा एमएलसी चुनाव में की थी
कार्तिकेय कुमार ने जदयू के उम्मीदवार वाल्मीकि सिंह को पटना में एमएलसी सीट पर मात दी और विधान परिषद का चुनाव जीता। जिस समय जदयू में वाल्मीकि सिंह को विधान परिषद का टिकट देने की बात चल रही थी तभी अनंत सिंह ने तेजस्वी यादव से कहा था कि कार्तिकेय सिंह की जीत की गारंटी वे लेते हैं। लालू प्रसाद ने बतौर एमएलसी उम्मीदवार कार्तिकेय के नाम की घोषणा खुद से की थी। जेल में रहकर भी अनंत ने कार्तिकेय को जितवा दिया।
अनंत सिंह के चुनावी रणनीतिकार रहे हैं कार्तिकेय
कार्तिकेय को अनंत सिंह के समर्थक ‘कार्तिक मास्टर’ के नाम से जानते हैं। वर्ष 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कार्तिक मास्टर और अनंत सिंह की दोस्ती परवान चढ़ी थी। आगे अनंत सिंह के चुनावी रणनीतिकार के रूप में कार्तिकेय ने खुद को साबित किया। जानकारी है कि अनंत सिंह के लिए सभी राजनीतिक दांव-पेंच पर्दे के पीछे से कार्तिकेय की मदद से ही अनंत सिंह संभालते हैं। इसलिए अनंत सिंह की पहली पसंद वे हैं। सबसे बड़े विश्वासी हैं।
पत्नी दो बार मुखिया बनीं
अनंत सिंह कार्तिकेय कुमार को खुद ‘मास्टर साहब’ कहकर पुकारते हैं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले कार्तिकेय स्कूल में शिक्षक थे। वे मोकामा के रहनेवाले हैं और उनके गांव का नाम शिवनार है। कार्तिक मास्टर की पत्नी रंजना कुमारी लगातार दो बार मुखिया बनीं।



Comment here