विश्व भर में महामा’री घोषित किए जा चुके कोरोना संक्र’मण का असर भारत की सबसे बड़ी देहमं’डी सोनागाछी पर भी पड़ा है। उत्तर कोलकाता में स्थित इस रेड लाइट इ’लाके में पिछले कई दिनों से सन्नाटा पसरा हुआ है। यौ’नकर्मी आगंतुकों की घ’टती संख्या से परेशान हैं। उनके संगठन ने समस्या से निपटने के लिए जल्द ही जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार रात दुर्गाचरण स्ट्रीट, मस्जिद बाड़ी लेन, सेठबागान व आसपास की तंग ग”लियों में फैले रेड लाइट इ’लाके में यौनकर्मियों की संख्या नगण्य दिखी। वहीं चितरंजन एवेन्यू पर शाम ढलते ही जुटने वाली भीड़ भी नदारद रही।

नोटबंदी से भी बु’रे हा’लात
आ’गंतुको की कमी का कारण पूछने पर बारासात निवासी यौनकर्मी ने बताया कि कुछ दिनों से हालत खराब है।आगंतुकों का आना बंद सा हो गया है। ऐसी हालत तो नोटबं’दी के समय भी नहीं हुई। ऐसा क्यों हो रहा है यह पूछने पर उसने बताया कि कोई रो”ग फैल रहा है। जिसके कारण लोग इधर आना बंद कर चुके हैं। ऐसा ही चलता रहा तो फांके पड़ेंगे। घर का खर्च कैसे चलेगा। इलाके में 25 हजार से ज्यादा यौनकर्मी सक्रिय बताई जाती हैं। जिनमें से आधी मोबाइल यानी घुमंतु हैं। जिनका रेड लाइट इ”‘लाके में अपना ठिकाना नहीं है। वे पेशा निपटा कर अपने घर चली जाती हैं।

90-95 फीसदी कमी
यौनकर्मियों के संगठन दुर्बार महिला समन्वय समिति की अध्यक्ष विशाखा लश्कर के मुताबिक आगंतुकों की कमी के कारण पूरे इ’लाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। रास्ते पर खड़ी रहने वाली यौनकर्मियों की संख्या 90 से 95 फीसदी कम हो गई है। पूछने पर कहा जा रहा है कि कोई रो’ग फैल रहा है। इसलिए लोग नहीं आ रहे।
सोमवार से शुरू होगा प्रचार अभियान
हालांकि इलाके में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए राज्य सरकार ने प्रचार अभियान शुरू किया है। लेकिन यौनकर्मियों में जागरुकता का अभाव है।
दुर्बार की सचिव काजल दास ने बताया कि यौनकर्मियों की जांच के लिए क्लिीनिक है। जहां उनकी नियमित जांच कराई जाती है। संगठन सोमवार से इ’लाके में कोरोना को लेकर जागरूकता अभियान शुूर करेगा।






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