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पत्रकार नगर के हाथ फिर लगे 2 शातिर साइबर क्रिमिनल:हर महीने करते हैं डेढ़ करोड़ की ठगी

एक बार फिर से दो शातिर साइबर ठग पटना में पत्रकार नगर थाने की पुलिस के हाथ लगे हैं। पकड़े गए दोनों शातिर मूल रूप से नालंदा जिले के रहने वाले हैं। इसमें एक की पहचान संजीव कुमार तो दूसरे की जितेंद्र कुमार के रूप में हुई। इनके पास से पुलिस ने अलग-अलग बैकों के कुल 16 ATM कार्ड, 75 हजार कैश, रजिस्टर, पर्स में फर्जी नाम पता पर लिए गए अलग अलग राज्यों के पांच सिम कार्ड और एक बाइक बरामद की गई है। थानेदार मनोरंजन भारती के अनुसार जब्त किए गए रजिस्टर में ठगी की रकम का हिसाब लिखा हुआ है। पकड़े जाने के बाद इन दोनों से पूछताछ हुई। जिसमें इनके गैंग में शामिल दो और शातिरों का नाम शातिर सामने आया है। लोगों से ठगे की रकम ट्रांसफर होने के बाद उसे उसकी निकासी अलग-अलग ATM से निकासी करते थे। इसके बाद पकड़े गए दोनों शाति रुपयों को अपने सरगना तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार इस गैंग में 6 शातिर शामिल हैं। जिनकी तलाश शुरू कर दी गई है।null

पुलिस को देखते ही भागने लगे थेपत्रकार नगर थाना की पुलिस सोमवार को अपने इलाके के जलेश्वर महादेव मंदिर मोड़ के पास पेट्रोलिंग पर थी। तभी दोनों शातिर पुलिस को देख अपनी बाइक छोड़कर भागने लगे। शक के आधार पर पुलिस दोनों का पीछा करने लगी। करीब एक किलोमीटर तक यह सब चला। इसके बाद वह पुलिस की गिरफ्त में आए। इनके पास से एक पीठू बैग मिला। बैग में कैश और एक रजिस्टर मिला। रजिस्टर के कई पन्नों में हर दिन का कहां से, किसने कितने की ठगी की? रुपयों का ट्रांसफर किस खाते में किया गया? इसका डिटेल उसमें लिखा हुआ है।

कोरोना वैक्सीन और बिजली काटने के नाम पर ठगीथानेदार के अनुसार पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वह हर दिन 4 से 5 लाख रुपयों का ट्रांजेक्शन करते थे। गैंग में शामिल शातिर बिजली काटने, कोरोना वैक्सीन, बड़ी कंपनियों के एजेंसी दिलाने के नाम पर फोन पर झांसा देना, मैसेज और ई-मेल के जरिए लोगों को ठग रहे थे। इसके बाद लोगों के अकाउंट से जालसाजी कर रुपयों को उन अकाउंट में ट्रांसफर कर देते थे, जिनका ATM कार्ड गैंग के पास होता था। हर महीने यह गैंग करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करता आ रहा है।

अगमकुआं में ले रखा है फ्लैटपूछताछ में पकड़े गए शातिरों ने बताया कि उन्होंने अगमकुआं इलाके में 16 हजार रुपए के महीने पर एक फ्लैट ले रखा था। गैंग में शामिल सभी शातिर यहीं रहते थे। पुलिस दोनों की निशानदेही पर उस फ्लैट पर गई। लेकिन, वहां रहने वाले बाकी के सभी 6 शातिर साइबर क्रिमिनल फरार मिले। ये सभी नालंदा और नवादा के रहने वाले है। रजिस्टर पर उन सभी का नाम और किसे कितना प्रतिशत कमीशन मिलना था, यह भी लिखा हुआ मिला है।

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