मेघनाथ हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मेघनाथ के बहनोई ने ही 20 लाख रुपए में उसकी हत्या की साजिश रची थी। हत्या करने के लिए तीन शूटर को हायर किया गया था। जिसके बाद 2 जुलाई को पत्नी के साथ पूजा कर वापस लौट रहे इन शूटरों ने मेघनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने तत्काल मेघनाथ हत्याकांड में लाइनर की भूमिका निभाने वाले सुरेश यादव व लक्की देवी को गिरफ्तार किया था। दोनों गिरफ्तार की निशानदेही पर हत्याकांड से जुड़े अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दिल्ली गई।
दिल्ली से हत्याकांड के दो नामजद आरोपी प्रदीप यादव व राजेश यादव को गिरफ्तार कर दिल्ली से आजमनगर लाया गया। दोनों आरोपी के निशानदेही पर आजमनगर पुलिस दो शूटर बरारी क्षेत्र से शिवा मंडल व भागलपुर के नारायणपुर से नीरज शर्मा को गिरफ्तार किया। जिसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। हालांकि अभी मुख्य साजिशकर्ता मेघनाथ के बहनोई निरंजन यादव पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
हत्या करने के लिए शूटरों ने 5 लाख लिया था एडवांस :
थानाध्यक्ष राजीव कुमार झा ने बताया कि 20 लाख रुपए में मेघ’नाथ की हत्या की साजिश रची गई थी। इसके लिए तीन शूटर का इस्तेमाल किया गया था। हत्या से पूर्व 5 लाख रुपए शूटर को दिया गया था। हत्या करने के बाद शेष राशि 15 लाख लेने के लिए सभी शूटर कटिहार आए थे। हत्याकांड के नामजद आरोपियों की निशानदेही पर दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि अन्य एक शूटर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
बहनोई पर लगाया था हत्या का आरोप
गौरतलब है कि बहनोई के द्वारा साले की हत्या कराने की साजिश रची थी। पुलिस अनुसंधान के दौरान कई सुराग पुलिस को हाथ लगी। अनुसंधान के दौरान आजमनगर पुलिस साले की हत्या कराने में मुख्य आरोपी बनाए गए बहनोई निरंजन यादव की अहम भूमिका निभाने में किए गए तंत्र का इस्तेमाल की खोजबीन में लगी। पुलिस को सुराग मिलते गए। जिसके बाद हत्या की गुत्थी सुलझ गई। हालांकि पुलिस अभी भी एक अन्य शूटर की तलाश कर रही है।







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