पाक आतंकी संगठन गजवा-ए-हिंद के व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन फुलवारीशरीफ के मरगूब अहमद दानिश उर्फ ताहिर के कारनामों की जांच जारी है। ताहिर को पुलिस ने जिस दिन गिरफ्तार किया उस दिन भी वह सोशल मीडिया पर सक्रिय था।
जांच में यह बात आई है कि जून और जुलाई महीने में ताहिर ने 18 पाकिस्तानी नंबर और तीन भारतीय नंबर को गजवा ए हिंद ग्रुप से जोड़ा था। इन नंबरों की जानकारी पुलिस ने एटीएस के साथ-साथ अन्य सेंट्रल एजेंसी को भी दी है। पुलिस जल्द ही मामले में अब ताहिर को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इधर ताहिर के मोबाइल नंबर का सीडीआर भी खंगाला जा रहा है।
अतहर और उसकी टीम ने अब तक 10 हजार से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग दी
पाकिस्तानी नंबर से चैट में मरगूब ने कहा- मैं पांच साल से आईएसआई में हूं
ताहिर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था। वह कई पाकिस्तानी ग्रुप में था। वह कई पाक कट्टपंथियों को फेसबुक पर फॉलो भी करता है। 22 जून 22 को एक पाकिस्तानी नंबर के उसका व्हाट्सएप चैट भी हुआ है। इस में वह लिखता है- मैं आईएसआई से हूं। पांच साल से काम कर रहा हूं। इंडिया में गजवा ए हिंद को प्रमोट कर रहा हूं। उसके मोबाइल में वीआईपी एप भी इंस्टॉल मिला। इस पर उसने कई आतंकी वीडियो पोस्ट किया है।
पीएफआई के ट्रेनिंग सेंटर 15 से अधिक जिलों में थे
जांच एजेंसियों के अनुसार, पीएफआई ने 15 से अधिक जिलों में ट्रेनिंग सेंटर खोल रखा था। अतहर और उसकी टीम दस हजार से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग दे चुके हैं। टीम को कुछ और डॉक्यूमेंट हाथ लगे हैं। इन कागजातों की जांच की जा रही है। साथ ही अतहर, जलालुद्दीन, अरमान व नुरुद्दीन के मोबाइल के सीडीआर का भी पुलिस विश्लेषण कर रही है।
अतहर और अरमान की रिमांड खत्म, जेल भेजे गए
अतहर प्रवेज और अरमान मलिक दोनों की रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को जेल भेज दिया गया। एएसपी मनीष कुमार ने कहा कि मामले में कुछ और साक्ष्य मिले हैं। कई डॉक्यूमेंट भी बरामद हुए हैं। हमारी जांच सही दिशा में बढ़ रही है। अब पुलिस शेष दो आरोपित रिटायर दरोगा जलालुद्दीन और जंगी को भी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।



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