यस बैंक में महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी 545 करोड़ रुपया जमा होने की बात पता चली है। यस बैंक के दिवालिया होने की स्थिति में श्रीजगन्नाथ प्रेमियों की चिंता बढ़ गई है। इतनी बड़ी मात्रा में बैंक की जमा राशि किस प्रकार से वापस आएगी, उस पर चिंता प्रकट की गई है। ऐसी स्थिति में जो लोग इतनी बड़ी मात्रा में इस बैंक में राशि जमा की है, उन्हें गिरफ्तार करने की भी मांग लोगों ने की है। वहीं समाजवादी पार्टी ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

सपा के राज्य अध्यक्ष रवि बेहेरा ने कहा है कि मुख्यमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए रिजर्व बैंक, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चर्चा कर महाप्रभु के 545 करोड़ रुपये को उद्धार करने की मांग की गई है। इस संदर्भ में हमने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है।
महाप्रभु के इस जमा राशि से मंदिर चलता है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी का वेतन मिलता है। यदि उपरोक्त राशि डूब जाती है तो फिर श्रीमंदिर संचालन में बड़ी गड़बड़ी हो सकती है। पिछले 20 फरवरी तक श्रीमंदिर संचालन कमेटी बैठक में यस बैंक को लेकर हो हल्ला मचा था।

राष्ट्रीय बैंकों की अनदेखी कर क्यों निजी बैंक में श्रीमंदिर का 545 करोड़ रुपया जमा किया गया, संचालन कमेटी के सदस्यों ने सवाल उठाया है।संचालन कमेटी के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पहले ही राष्ट्रीय बैंकों में महाप्रभु की कोष को जमा किया जाता था। मगर किस परिस्थिति में यस बैंक नामक एक निजी बैंक में महाप्रभु की राशि जमा की गई, उसकी जांच करने की मांग संचालन कमेटी के सदस्यों ने मांग की है। इसके लिए संचालन कमेटी के अनुमोदन क्यों नहीं लिया गया, उस पर सवाल उठाया गया है।





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