कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा शुक्रवार को भागलपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में आचार संहिता उलंघन मामले में पेश हुए। ये मामला साल 2009 के लोकसभा चुनाव के वक्त का है। चुनाव आयोग के तरफ से आचार संहिता लागू होने के बावजूद अजीत शर्मा के प्रचार वाले पैंपलेट पाए गए थे।
इसकी वजह से तात्कालिक एसडीओ ने उनके उपर अचार संहिता का मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद अजीत शर्मा कई बार इस मामले को लेकर भागलपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हो चुके है।
प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर बरसे अजीत शर्मा
कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा जब कोर्ट में पेश होने आए, तो उन्होंने सीएम नीतीश के प्रशासनिक अधिकारियों को खूब जमकर सुनाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार व्यक्तित्व तौर पर बहुत अच्छे है। मगर उनके अधिकारी तानाशाही करते है। 2009 के लोकसभा चुनाव में हमारे समर्थकों ने कही कही होडिंग लगवा दिया। तो इस बात की जानकारी हमे नही थी। लेकिन उस पर मेरा फोटो होने के कारण हमारे नाम पर एफआईआर दर्ज कर दिया गया।
इसके बाद तब से लेकर आज तक परेशान होना परता है। बीच में भी दो दिन डेट परा था। लेकिन, विधानसभा का सत्र चलने के कारण मैं शामिल नहीं हो पाया था। आज के डेट में शामिल हुआ हूं। उम्मीद है कि निर्दोष साबित हो जाऊंगा। लेकिन, मुख्यमंत्री जी की जो प्रशासनिक अधिकारी है उनका मनोबल पिछले 3 सालों में खूब बढ़ गया है।
मंत्री शाहनवाज हुसैन ने भी प्रशासन को बताया था तानाशाह
बीते 2 दिनों पहले इसी मामले में बिहार सरकार के मानती सैयद शाहनवाज हुसैन भी पेश हुए थे। यहां वे निर्दोष साबित हुए। लेकिन, निर्दोष साबित होने के बाद मंत्री ने भी प्रशासनिक अधिकारियों पर तानाशाही करने का आरोप लगाया था।







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