हर-हर महादेव…। भगवान शिव का पावन माह सावन गुरुवार से शुरू हो रहा है। एक बार फिर भक्त भाेले की भक्ति में लग जाएगें। बाबा के जयघोष से शहर के शिवालय गुजेंगे। दो वर्षों के बाद इस साल शिवधाम का द्वार भक्तों के लिए खुला होगा। गर्भगृह में जाकर भक्त शिवलिंग की विधिवत पूजा अर्चना कर सकेंगे। बड़े शिवधामों पर कांवर लेकर भी भक्त जा सकेंगे, यानि इस बार वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर किसी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं है।
आराम से श्रद्धालु दर्शन-पूजन का कार्य कर सकते है। सावन में शिवधामों के खुला रहने से मंदिर के पुजारी के साथ-साथ पूजन सामग्री बेचने वाले लोग भी खुश है। इन्हें भी अच्छी आमदनी की उम्मीदें जगी है। इधर सावन को लेकर शहर के मार्कण्डेय, रामशिला, पितामहेश्वर, ब्राह्मणी घाट, वृद्ध पितामहेश्वर, नर्मदेश्वर, गिरिद्धेश्वर महादेव, पंचमुखी महादेव, कोईरी बारी शिव मंदिर तैयार है। सबसे अधिक भीड़ मार्कण्डेय और रामशिला में श्रद्धालुओं की जुटेगी।
18 को श्रद्धालु रखेंगे पहली सोमवारी व्रत :
आचार्य नवीन चंद्र मिश्र वैदिक ने बताया कि इस बार बाबा भोले का प्रिय माह सावन गुरुवार से शुरू हो रहा है और समाप्त भी गुरुवार को होगा। 29 दिनों के सावन में चार सोमवारी का व्रत पड़ेगा। पहली सोमवारी का व्रत श्रद्धालु 18 जुलाई को रखेंगे। उन्होंने बताया कि सावन माह गुरुवार से शुरू होने से विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव के साथ-सथ भगवान विष्णु की भी आराधना करें। विशेष कृपा मिलेगी।
देवघर जाने के लिए भी कांवरिया हुए रवाना
देवघर जाने के लिए कांवरियाें से जत्था बुधवार से ही रवाना हुए। गया स्टेशन से भी देवघर जाने वाले कांवरियों की काफी भीड़ दिखीं। कई श्रद्धालु निजी वाहन और बस से भी देवघार के लिए प्रस्थान किए। इधर बाबा का प्रिय माह सावन शुरू होने से शिव गीतों से शहर का कोना-कोना गूंजने लगा है। शिवधामों पर सावन को लेकर भव्य मेला लगा है। बच्चों के लिए एक से बढ़कर एक झूला भी लगाया गया है।
बड़े शिवधामों पर भी तैयारी हुई पूरी
दो साल बाद जिले के प्रमुख धामों पर सावन का मेला लगेगा। पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की जबर्दस्त भीड़ उमड़ेगी। बांकेधाम, बैजूधाम, संडेश्वरनाथ, फलकेश्वरनाथ, कोचेश्वर महादेव आदि प्रमुख धामों पर सावन के शुरू होने के साथ मेला शुरू होगा। इन धामों के अलावा बेलागंज के करीब स्थित बराबर पहाड़ और सिद्धेश्वरनाथ धाम पर भी एक माह तक मेला लगाया जाएगा। दो वर्षों से इन सभी धामों पर पूजा व मेला लॉक था।
सुख-समृद्धि के लिए करें दूध से जलाभिषेक
सावन माह शिवार्चन के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस दिन हर तरह की मनोकामना बाबा भोले पूरा करते है। आचार्य ने बताया कि जलावृष्टि की कामना के लिए जल से, संतान सुख व समृद्धि के लिए दूध से, धन प्राप्ति के लिए ईख से, पशु वृद्धि के लिए दही से, रोग निवृत्ति के लिए कुषोदक से, सभी सुख प्राप्ति के लिए पंचामृत से शिवलिंग पर शिर्वाचन करें।



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