गया में बीती 2 जून की रात बाराचट्टी से इंडिया ए वन की एटीएम मशीन उखाड़ कर ले जाने वाले गिरोह का पता चल गया है। गिरिडीह पुलिस ने उस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के सभी सदस्य झारखंड के बताए जा रहे हैं। उस गिरोह के सदस्यों ने अब तक तीन स्थानों से एटीएम उखाड़ने की वारदात को अंजाम दिया है।
खास बात यह है कि सभी तीनों मशीन एक ही कंपनी इंडिया ए वन के ही हैं। इस गिरोह के सदस्य अब तक झारखंड, बिहार व यूपी से इंडिया ए वन की एटीएम मशीन को उखाड़ कर अपने साथ ले गए हैं। पकड़े गए अपराधियों ने गया के बाराचट्टी में इंडिया ए वन की मशीन उखाड़ कर ले जाने की बात स्वीकार की है। वारदात के दिन उस मशीन में 16 लाख रुपये डाले गए थे। जिसे अपराधी मशीन सहित अपने साथ लेकर चले गए थे। मशीन को उखाड़ने का काम स्कॉर्पियो की मदद से किया था।
गया एसएसपी हरप्रीत कौर का कहना है कि उस गिरोह के सदस्यों ने जिस भी शहर में एटीएम मशीन को उखाड़ा है वह इंडिया ए वन कंपनी के ही हैं। सभी जगह मशीन को उखाड़ने का काम सफेद स्कॉर्पियो से किया गया है। गया पुलिस उन तीनों अपराधियों को रिमांड पर लेने में जुट गई है। एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि पकड़े गए सभी तीन अपराधियों को रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ के साथ ही घटनास्थल की शिनाख्त भी कराई जाएगी।
इंडिया ए वन को ही अपराधी क्यों कर रहे थे टारगेट
एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि इंडिया ए वन को ही टारगेट करने के पीछे भी एक बड़ा कारण है। इंडिया ए वन की मशीनें और कंपनियों की मशीनों से हल्की व कमजोर हैं। दूसरी कंपनियों की एटीएम मशीन को उखाड़ना या काट कर ले जाना कठिन है। लेकिन इसमें ऐसी कोई बात नहीं है। यह सभी तथ्य पकड़े गए अपराधियों ने स्वीकारी है और पुलिस की जांच में भी यह बातें सामने आई हैं। एसएसपी ने बताया कि इंडिया ए वन की मशीन को उखाड़ने में महज दस मिनट लगते हैं और बड़े ही आसानी से यह उखड़ जाता है। उन्होंने बताया कि अब तक जिन जगहों से इंडिया ए वन की एटीएम को उखाड़े जाने की वारदात को अंजाम दिया गया है वह स्कॉर्पियो की मदद से उखाड़ी गई हैं। एटीएम मशीन को स्कॉर्पियो से फंसा कर खींचा जाता है और फिर आसानी से उखड़ जाता है। उन्होंने आपत्ति जताई है कि इंडिया ए वन कंपनी द्वारा न केवल हलकी मशीन का प्रयोग किया जाता है बल्कि उसकी सुरक्षा के लिए गार्ड तक का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यह एक बड़ी समस्या है।







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