सीवान जिले के हुसैनगंज प्रखंड मुख्यालय के खरसंण्डा पंचायत के धुमनगर गांव में मुख्यमंत्री का ड्रीम प्राजेक्ट नल जल योजना पूरी तरह से धराशाही है।पंचायत में योजना के फेल रहने पर ग्रामीणों ने शुक्रवार को पानी टंकी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। धुमनगर गांव में लगभग पंद्रह सौ लोगों को मुख्यमंत्री की अति महत्वाकांक्षी नल-जल की सुविधा नहीं मिल रही है। लोगों का कहना है कि सरकार हर घर नल का जल पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन उनके गांव के दो वार्ड 10 और 11 नंबर में अब तक नल का जल नहीं पहुंचा है।

ग्रामीण सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर यहां के लोगो के साथ सौतेला व्यवहार क्यों? खरसंण्डा पंचायत के वार्ड में 10 में सिर्फ कागजों पर कोरम पूरा करके दिखाया गया है कि नल जल चालू है लेकिन धरातल पर वार्ड 10 में अब तक कुछ भी नहीं लगा है। वहीं 11 नंबर वार्ड से पंद्रह सौ की आबादी वाले बस्ती में नल-जल की टंकी लगी तो यहां लोगों में उम्मीद जगी अब प्यास बुझेगी, लेकिन चंद दिन ही पानी का सप्लाई हुआ और मोटर टंकी,पाइप फट गया।
विगत 3 वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। 36 महीने से नल जल योजना बंद है। गांव के लोग पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीण में वकिल अबुल खैर,शाहनवाज आलम,जावेद आलम,आबिद अली, हरीनाथ राम, राजा अली, शिव बालक राम, नंदलाल राम, बाबूअख्तर, मोहम्मद आरिफ, स्वामीनाथ राम,कन्हैया भगत,अबुल हसन,अरमान राजा,बबलू, रामू,आसिफ,ने बताया कि हमलोगों के वार्ड में नल जल योजना का कार्य सफलतलापूर्वक पूर्ण नहीं हुआ है। इसके कारण गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है।
दो वर्ष पूर्व यहां पर पानी का टंकी लगाया गया। लेकिन लोगों को पानी नसीब नहीं हो पाया। कई बार ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन को इससे अवगत कराया, लेकिन इस ओर कोई पहल नही की गई। इस भीषण गर्मी में ग्रामीण मजबूरन कुंआ या चापाकल का सहारा ले कर दुषित पानी पी रहे है। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित पदाधिकारी से नल जल योजना को जल्द सुचारू रूप से चालू किए जाने की मांग की है।



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