मोतिहारी में गिरफ्तार जाली नोट सरगना सुधीर कुशवाहा आतंकी संगठन का स्लीपर सेल निकला। जाली नोट के सरगना और NIA के दो लाख के इनामी अपराधी सुधीर कुशवाहा की गिरफ्तारी पर कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं
सुधीर के तार नेपाल ही नहीं बल्कि पाकिस्तान, चीन, मलेशिया और दुबई से जुड़े हैं। बताया जाता है कि वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के स्लीपर सेल के तौर पर भारत में काम कर रहा था। नेपाल से मुजफ्फरपुर जाने के दौरान मुजफ्फरपुर और मोतिहारी पुलिस के सहयोग से गुरुवार को मोतिहारी के रास्ते पर उसे गिरफ्तार किया गया। जहां पूछताछ में उसने इस बात की जानकारी भी दी कि वो स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था। वह घोड़ासहन सहित नेपाल के तराई क्षेत्रों में अपना जाल फैला रहा था।
1.54 लाख के जाली भारतीय नोट और बाइक के साथ गिरफ्तार हुआ
मामले की जानकारी देते हुए मुजफ्फरपुर एसएसपी जयंत कांत ने बताया कि सुधीर के पास से गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने 1.54 लाख रुपए का जाली भारतीय रुपए और एक अपाची बाइक बरामद की है। आरोपी फिर से अपने नेटवर्क को एक्टिव करने की कोशिश में था। एसएसपी ने बताया कि 2008 में इसे मोतिहारी से जाली नोट केस में गिरफ्तार किया गया था। बाद में केस एनआईए को सौंपा गया था। आरोपी फरार हो गया था। आरोपी ने कोयला का काम करता था, लेकिन उसकी आड़ में वो जाली नोट का रैकेट चला रहा था।

सुधीर कुशवाहा पर NIA ने 2 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।
कई जांच एजेंसियां कर रही पूछताछ
गिरफ्तारी की सूचना पर देश की कई जांच एजेंसी मुजफ्फरपुर में पहुंचकर पूछताछ में जुटी हुई है। एनआइए, रॉ, आइबी, एसएसबी और एसआरबी की टीम उससे लगातार पूछताछ में जुटी हुई है। उसने कई अहम खुलासे किए हैं। इसके आधार पर जांच टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
एसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि बीते कुछ महीनों में मुजफ्फरपुर, बेतिया, मोतिहारी, सीतामढ़ी सहित अन्य जगहों पर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने नकली इंडियन करेंसी की कई खेपों बरामद किए थे।

आरोपी के पास से 1.54 लाख के नकली नोट मिले हैं।
2005 मे दिल्ली में हुआ था गिरफ्तार
सुधीर पहली बार 2005 में दिल्ली के एक आवासीय होटल से गिरफ्तार हुआ था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। साक्ष्य के अभाव में वह छुट गया था। दोबारा दिल्ली में 2014 में एक होटल से 50 लाख रुपए बरामद हुआ था।
उक्त मामले में एनआइए ने 2/2014 केस दर्ज किया था। जिसमें वह फरार चल रहा था। 2014 में मोतिहारी पुलिस ने 21 सेलफोन के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय भी उसका तार एक अन्य आतंकी गिरोह से जुड़े होने की बात सामने आई थी। 2016 में घोड़ासहन रेल ट्रैक पर हुए कुकर बम ब्लास्ट मामले में भी सुधीर का नाम सामने आया था। इन सभी मामलों में वह फरार चल रहा था।



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