निर्भया मा’मले में दो’षियों के वकील एपी सिंह इन दिनों खासी चर्चा में हैं। दरअसल, एपी सिंह के कानूनी दांव पेच के चलते निर्भया के चारों दो’षी (विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय कुमार सिंह) कई महीने से फां’सी से बचते चल आ रहे हैं। आइये जानते हैं एपी सिंह के बारे।
- मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले एपी सिंह कई सालों से दिल्ली में ही रहकर वकालत कर रहे हैं।
- जब कोई भी वकील निर्भया के दो’षियों का केस ल’ड़ने के लिए आगे नहीं आ रहा था तो एपी सिंह ने आगे बढ़कर यह केस अपने हाथ में लिया था।
- इस केस को लड़ने के दौ’रान वह कई बार निचली अदालत से लेकर दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक से फ’टकार खा चुके हैं। यहां तक कि उन पर इस मा’मले में हजारों रुपये का फाइन भी लग चुका है।

- एपी सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट होने के साथ डॉक्टरेट की डि’ग्री भी ली है।
- एपी सिंह ने 1997 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की थी।
- अपने वकालत के करियर में वह पहली बार वर्ष, 2012 में साकेत कोर्ट में निर्भया के दोषियों की ओर से पेश हुए थे।
- एपी सिंह की मानें तो उन्होंने अपनी मां के कहने पर यह केस अपने हाथ में लिया। वह बताते हैं कि अक्षय को जब दुष्कर्म के आरोप में पकड़ गया था, तब उसके तीन महीने का बच्चा था। ऐसे में उसके ऊपर द’या आई और उन्होंने अपनी मां के कहने पर यह केस ल’ड़ने का फैसला लिया।
- 16 दिसंबर, 2012 को निर्भया के साथ दक्षिण दिल्ली के वसंत विहार इ’लाके में चलती बस में सामूहिक दु’ष्कर्म हुआ था।
- सामूहिक दु’ष्कर्म के दौ’रान सभी 6 द’रिंदों ने इस कदर निर्भया को शारीरिक प्र’ताड़ना दी कि उसकी इ’लाज के दौ’रान मौ’त हो गई।
- फास्ट ट्रैक में मु’कदमा चला, जिसके बाद निचली अदालत, दिल्ली हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट चार दो’षियों विनय, मुकेश, पवन और अक्षय को फां’सी की स’जा सुना चुका है।





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