बिहार के मुजफ्फरपुर, पटना और गया में एयर पॉल्यूशन की स्थिति खतरनाक रहती है। इन तीनाें शहरों में अधिकांश दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बेहद खराब श्रेणी में रहती है। इसको देखते हुए क्लीन एयर डैशबाॅर्ड के तहत शहर में मई में सर्वे कराया गया। इस सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के अनुसार, मुजफ्फरपुर में 1216 स्थानाें पर एयर पॉल्यूशन के मानक के विपरीत गंदगी, धूलकण मिला है।
सात दिनाें के सर्वे में शहर के 875 स्थानाें पर कूड़ा-कचरा व गंदगी मिली है। शहर में 222 स्थानाें पर मानक के विपरीत पब्लिक व सरकारी कंस्ट्रक्शन का काम पाया गया है। इससे शहर में एयर पाॅल्यूशन की स्थिति खतरनाक बन रही है। प्रदूषण कंट्राेल बाेर्ड की माॅनिटरिंग में आने वाले समय में शहर के लाेगाें काे इस तरह की शिकायत के लिए एप भी लांच किया जाएगा।
क्लीन एयर पॉल्यूशन डैशबाॅर्ड के तहत अगले एक से दाे माह में एप लांच हाेगा। इस पर कहीं भी गंदगी, कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक जलाने के साथ धूलकण व अन्य शिकायत शहर के लाेग कर सकेंगे। इसकी माॅनिटरिंग प्रदूषण कंट्राेल बाेर्ड की देखरेख में हाेगी। एयर पॉल्यूशन राेकने काे लेकर भी नगर आयुक्त ने अलग से टीम का गठन किया है।
जांच : शहर के 49 वार्ड को तीन जाेन में बांट कर किया गया सर्वे

बिहार राज्य प्रदूषण कंट्राेल बाेर्ड ने पायलट प्राेजेक्ट के तहत पटना व गया के साथ मुजफ्फरपुर शहर का चयन किया है। इन तीनाें शहर में एयर पाॅल्यूशन की स्थिति ज्यादातर दिन बेहद खराब रहती है। मुजफ्फरपुर शहर काे तीन अलग-अलग जाेन में बांट कर एयर पॉल्यूशन की स्थिति जानने के लिए सर्वे किया गया। शहर में 49 वार्ड रहने की स्थिति में एक जाेन में 16 वार्ड सर्वे में शामिल किया गया।
जहरीली : ज्यादा शिकायत कचरा नाले की गाद और धूलकण की
सात दिनाें के सर्वे में टीम काे सबसे ज्यादा शिकायत कचरा, नाले की गाद, धूलकण काे लेकर मिली। तीनाें जाेन मिला कर 875 स्थानाें पर सफाई से संबंधित शिकायत मिली। जबकि, 222 स्थानाें पर कंस्ट्रक्शन शिकायत मिली। इसके अतिरिक्त पथ निर्माण विभाग के भी निर्माण के दाैरान 119 स्थानाें पर एयर पाॅल्यूशन काे लेकर शिकायत मिली।
निजी मकान निर्माण में भी ग्रीन कवर लगाना होगा, नहीं तो जुर्माना

शहर में केवल सरकारी निर्माण में ही नहीं, प्राइवेट मकान बनाने में भी ग्रीन कवर का इस्तेमाल करना होगा। नगर आयुक्त ने एयर पॉल्यूशन कंट्रोल को लेकर गठित टीम को निरीक्षण कर निर्माण स्थल पर ग्रीन कवर नहीं रहने पर निर्माण एजेंसी व मकान मालिक पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। सड़क पर गिट्टी-बालू रखने से भी प्रदूषण का खतरा है। इस पर भी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
तैयारी : प्रदूषण की शिकायत के लिए जल्द लांच किया जाएगा एप
किस जाेन में कितनी शिकायत
जाेन वन : सफाई-271 कंस्ट्रक्शन-34
जाेन 2 : सफाई-293 कंस्ट्रक्शन-188
जाेन 3 : सफाई-371
प्रदूषण कंट्राेल बाेर्ड की देखरेख में होगी शिकायत की माॅनिटरिंग

पायलट प्राेजेक्ट के तहत तीनों शहरों का किया गया है चयन



Leave a Reply