बिहार का शिक्षा विभाग अब मृ’त शिक्षकों से भी कॉपी जांच कराने लगा है. विभाग ने मृ’त दो शिक्षकों को कॉपी जांच करने को लेकर ड्यूटी पर लगा दिया. जब वह श’मशान घाट से सेंटर नहीं पहुंचे तो विभाग ने दोनों को स’स्पेंड भी कर दिया. यह कारनामा बिहार के बेगूसराय और बांका जिले में जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने किया है. बेगूसराय में शिक्षक रंजीत कुमार की दो साल पहले मौ’त हो गई थी. फिर भी उनको परीक्षक बना दिया. बांका में भी तीन साल पहले जिस शिक्षक हैदर की मौ’त हो गई थी उसको भी परीक्षक बना दिया है. दोनों में से किसी का भी जांच प’ड़ताल नहीं की गई है.

बिहार में इंटर की कॉपी जांच करने वाले शिक्षक भी हड़’ताल पर चले गए है. जिससे कॉपी जांच कराने में शिक्षा विभाग को परे’शानियों का सामना करना पड़ रहा है. कॉपी जांच का विरोध करने वाले बिहार के करीब 1200 शिक्षकों पर विभाग अब तक का’र्रवाई कर चुका है. अब शिक्षकों से अधिक अधिकारियों को मु’र्दों पर भरोसा हो गया है. कॉपी की जांच के लिए मृ’त शिक्षकों के बुलाया जा रहा है और जब यह श’मशान घा’ट से नहीं पहुंचे तो उनको स’स्पेंड कर दिया गया है. बिहार में शिक्षा विभाग पहले भी अपने कारनामों को लेकर देश ही नहीं विदेश में भी फेमस रहा है.




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