सीतामढ़ी के 218 हेड मास्टरों की वेतन पर रोक लगा दी गई है। इसमें सबसे ज्यादा परिहार प्रखंड के हेडमास्टरों का नाम शामिल हैं। दरअसल, वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए शिक्षा विभाग द्वारा संचालित पाठ्यपुस्तक योजना को केंद्रकृत रूप से एनआईसी द्वारा विकसित मेधा सॉफ्ट पोर्टल के माध्यम से पीएफएमएस प्लेटफार्म का उपयोग करते हुए सीधे लाभ के खाते में स्थानांतरित किया जाना है। इसको लेकर जिले के सभी हेडमास्टरों को संबंधित विद्यालय के कक्षा 2 से 8 तक के विद्यार्थियों को संपुष्ट यस या नो में करना था। ताकि इस योजना के तहत पात्र लाभुकों को लाभान्वित कराया जा सके।
विभाग के बार-बार दिए गए निर्देश के जिले के बावजूद 218 विद्यालय के हेडमास्टर द्वारा अब तक मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर यस या नो के रूप में चिन्हित नहीं किया गया है। जिसके कारण बड़ी संख्या में बच्चे इस योजना से वंचित रह जाएंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश प्रसाद सिंह और एसएसए के डीपीओ अमरेंद्र पाठक ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से संबंधित विद्यालयों के हेडमास्टर का वेतन स्थगित कर दिया है।
वहीं डीपीओ स्थापना को पत्र भी भेज दिया है। उन्होंने इस कार्रवाई से डीएम को भी अवगत कराया है। बतादें की जिन प्रखंडों के हेडमास्टरों पर यह कार्रवाई हुई है। उनमें परिहार के 75, नानपुर के 4, मेजरगंज के चार, डुमरा के 33, चोरौत के 6, बोखरा के 3, बथनाहा के 4, बाजपट्टी के 12, बैरगनिया के 3, सुरसंड के 18, सोनबरसा के 14, रुन्नीसैदपुर के 22, रीगा के 16, पुपरी 7 और परसौनी के चार हेडमास्टर का नाम शामिल है।






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