शिक्षक किसी भी छात्र-छात्रा के जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं. एक छात्र अपने टीचर से काफी करीब होता है. इनमें से कई शिक्षक ऐसे होते हैं जो छात्र-छात्राओं के जेहन में सकारात्मक असर छोड़ते हैं. ऐसे ही एक शिक्षक की विदाई की बेला यानि रिटायरमेंट का समय आया तो स्कूल के छात्र फूट-फूटकर होने लगे.दरअसल नवादा जिले के रोह प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय ओहारी के प्रभारी प्रधानाध्यापक यमुना प्रसाद की सेवानिवृति के बाद शनिवार को विद्यालय परिवार द्वारा भावभीनी विदाई दी गई. इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं के द्वारा प्रस्तुत विदाई गीत ने उपस्थित लोगों की आंखें नम कर दीं.
भा’वुक हो गए लोग
विदाई समारोह के मौके पर उपस्थित शिक्षकों के अलावा छात्र-छात्राओं की आंखें नम थीं. शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसकी आंखों से आंसू न निकले हों. इस अवसर पर स्कूल के छात्र एवं शिक्षक उनके द्वारा किये गए कार्यों को याद कर भावुक हो गए.

छात्रों को जबरन पढ़ाते थे हेडमास्टर
छात्राओं ने बताया कि स्कूल की विकास में उनका बहुत बड़ा योगदान था. गर्मी की छुट्टी हो या कोई अन्य छुट्टी वो छुट्टी के समय भी छात्रों को जबरन पढ़ाते थे और स्कूल पहुंचकर बच्चों को शिक्षा देते थे. यही कारण है कि बच्चे उन्हें काफी चाहते हैं और उनकी विदाई के वक़्त सभी छात्र भावुक हो गए.स्कूल के शिक्षक उनकी विदाई के वक़्त उनके द्वारा दिये गए शिष्टाचार के सबक को याद कर उनकी कर्मठता को याद करते हैं कि किस प्रकार उन्होंने अपने वेतन के पैसे से स्कूल के जर्जर भवन को बच्चों के पढ़ने लायक बनाया था. सभी लोग आज भी उनके द्वारा किये गए हर कार्य को सराहते हैं.




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