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‘अग्निपथ’ के विरोध में कन्हैया बोले:’वन रैंक, वन पेंशन’ की बात कहकर ‘नो रैंक, नो पेंशन, वनली टेंशन’ कर दिया

कांग्रेस 27 जून को ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में बिहार के सभी 243 विधान सभा क्षेत्रों में दिन के 10 बजे से सत्याग्रह करेगी। कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार ने पटना स्थित सदाकत आश्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सेना को ठेका के हवाले कर रही है। अग्निपथ योजना को सरकार जल्द से जल्द वापस ले। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस योजना के विरोध कर रहे युवाओं से एक बार भी शांति की अपील नहीं की। सेनाध्यक्षों की ओर से बात रखी गई और फायदे गिनाए गए, लेकिन सेना के कई भूतपूर्व अफसरों, जिन्हें कई मेडल मिले, उन्होंने बताया कि अग्निपथ योजना, सेना और युवाओं दोनों के लिए किस तरह से हानिकारक है। घोषणा मंत्री जी ने की और घोषणा का बचाव सेना प्रमुखों से करवाया गया। जब भी कोई राजनीतिक संकट होता है वे सेना को आगे कर देते हैं।

प्रधानमंत्री पर ही रहिए, सीएम तक मत जाइए

कन्हैया कुमार ने कहा कि ‘मन की बात’ करने वाले प्रधानमंत्री ने हिंसा और आगजनी होने पर शांति की अपील नहीं की। अग्निपथ मामले में भी उनकी चुप्पी दिखी। इस सवाल पर कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी तो चुप रहे, कन्हैया कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री पर ही रहिए ना…।

आर्म्स फोर्सेज का मनोबल होगा डाउन

उन्होंने कहा कि सेना में स्थायी भर्ती रोकी जा रही है। सीडीएस का पद अभी तक खाली है। जनरल विपिन रावत ने रिटायरमेंट एज को बढ़ाने की मांग की थी। आज विपिन रावत रहते तो वे खुल कर अग्निपथ का विरोध करते। वे मानते थे कि जब सुरक्षा से जुड़ी सेवा से स्थायी सेवा का प्रावधान हटा लेंगे तो आर्म्स फोर्सेज का मनोबल डाउन हो जाएगा।

नो रैंक, नो पेंशन, वनली टेंशन

कहा कि सेना में ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की बात प्रधानमंत्री ने की थी। लेकिन उन्होंने ‘नो रैंक, नो पेंशन, वनली टेंशन’ कर दिया। जो युवा देश की सेवा करना चाहते हैं, उनके सपनों को कुचल कर फायदा गिनाया जा रहा है। भरी जवानी में रिटायरमेंट होने के फायदे गिनाए जा रहे हैं। पांच साल क्यों नहीं, चार साल क्यों? चार साल इसलिए कि नौकरी के तमाम तरह के फायदों से यह योजना बाहर हो जाए। ग्रेचुएटी और तमाम तरह की सुविधाएं युवाओं को नहीं मिल सके।

सत्य और अहिंसा के साथ आंदोलन कर अपनी मांग रखें

कहा कि सबसे प्रमुख बजट सेना का होता है। लेकिन सरकार इसमें कटौती करना चाहती है, पर सरकार यह बात बोल नहीं रही है। तमाम विभागों को या तो बेचा गया या ठेका पर दे दिया गया। उसी तरह सेना में भी ठेकाकरण किया जा रहा है। देश की सुरक्षा के साथ यह खिलवाड़ है। कोई भी आंदोलन सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चला तो उसकी जीत हुई। इसलिए सत्य-अहिंसा के आंदोलन के साथ अपनी मांग युवा रखें।

ईडी, जेल और केस से डरा रही है सरकार

उन्होंने कहा कि देश की एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सरकार ईडी का इस्तेमाल कर रही है। हम कहते हैं कि किसी पर ईडी की कार्रवाई हो रही हो और वह भाजपा ऑफिस जाकर पट्टा पहन ले तो वह स्वच्छ हो जाएगा। वाशिंग मशीन से धुल कर फ्रेस। ईडी, जेल और केस से डराया जा रहा है।

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