Breaking News

ड्रग इंस्पेक्टर के घर से मिला 4 करोड़ कैश:पटना-गया-रांची के 5 ठिकानों पर रेड; 2.5 किलो चांदी,

आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के घर से शनिवार को करीब 4 करोड़ रुपए कैश बरामद किया गया है। पटना में पोस्टेड ड्रग इंस्पेक्टर के 5 ठिकानों पर सुबह से निगरानी अन्वेषण ब्यूरो एक साथ छापेमारी कर रही है।

पटना के सुल्तानगंज स्थित मलेरिया ऑफिस, इसी इलाके में स्थित इनका घर, पटना के ही गोला रोड में इनका प्राइवेट ऑफिस, गया में फ्लैट और प्राइवेट फार्मेसी कॉलेज शामिल है। इन सभी ठिकानों पर निगरानी की अलग-अलग टीम मौजूद है और कागजात से लेकर काफी कुछ खंगाल रही है।

सुल्तानगंज के घर से अब तक काफी कुछ मिला है। जांच टीम से मिले डिटेल्स के अनुसार, यहां से अब तक ढाई किलो चांदी और आधा किलो से अधिक सोना की ज्वेलरी मिली है। हालांकि, इसमें कुछ ज्वेलरी जितेंद्र कुमार के भाई की पत्नी के भी हैं।

जितेंद्र कुमार के घर से 4 करोड़ रुपए कैश मिले।

जितेंद्र कुमार के घर से 4 करोड़ रुपए कैश मिले।

पटना के ही ईस्ट बोरिंग कैनाल रोड में जितेंद्र कुमार ने एक फ्लैट खरीदा है। इन्होंने दूसरा फ्लैट झारखंड की राजधानी रांची में खरीदा है। जांच टीम का दावा है कि काली कमाई के जरिए अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों से जुड़े और भी कागजात मिल सकते हैं। इसके बारे में काफी खुलासा हो सकता है। उनका सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

ड्रग इंस्पेक्टर के घर से ढाई किलो चांदी और आधा किलो से अधिक सोना की ज्वेलरी बरामद हुई है।

ड्रग इंस्पेक्टर के घर से ढाई किलो चांदी और आधा किलो से अधिक सोना की ज्वेलरी बरामद हुई है।

पद का दुरुपयोग कर पैसा कमाने का आरोप

बताया जा रहा है कि जितेंद्र कुमार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे थे। आरोप है कि सरकारी नौकरी करते हुए इन्होंने जमकर भ्रष्टाचार किया है। इनके खिलाफ राज्य सरकार के पास लगातार शिकायतें आ रही थी। इसके बाद ही मामला निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को सौंपा गया। फिर एक टीम बनाकर जितेंद्र कुमार के ऊपर लगे आरोपों की जांच कराई गई। इसमें इनके खिलाफ काफी सबूत मिले। काली कमाई का मामला सही पाया गया। फिर निगरानी थाने में ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में 2 करोड़ से अधिक की FIR दर्ज की गई। शनिवार को 5 अलग-अलग टीम बनाई गई और फिर सुबह से छापेमारी शुरू की गई।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.