सोमवार की शाम हुई 80 मिनट की झमाझम बारिश में शहर ही नहीं, बल्कि जनता के 80 करोड़ रुपए भी डूब गए। शहर को जलजमाव से निजात दिलाने को लेकर पिछले कुछ माह में नाला बनाने और अन्य काम पर तकरीबन 80 करोड़ खर्च किए गए। इसके बाद भी मानसून की पहली झमाझम बारिश में पूरे शहर में जलजमाव हो गया। स्मार्ट सिटी में फिर पिछले साल की तरह ही जलजमाव हो गया।
हालांकि, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज चालू हो जाने की वजह से मिठनपुरा इलाके का पानी तेजी से निकल गया। जिससे हर साल की तरह मिठनपुरा चौक पर लोगों को जलजमाव नहीं झेलना पड़ा। लेकिन मोतीझील, कल्याणी, स्टेशन रोड, कलमबाग रोड, आमगोला रोड समेत नगर निगम के दफ्तर से लेकर कलेक्ट्रेट तक में उसी तरह जलजमाव हो गया, जैसा हर साल बारिश के बाद होता रहा है।
वैसे तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से अब तक सवा सौ करोड़ से ज्यादा खर्च हुए हैं। लेकिन, इसमें 23 करोड़ सिर्फ नाला बनाने पर खर्च हुआ है। इसके अलावा 20 करोड़ रुपए बुडको ने नाला, एसटीपी व कल्वर्ट बनाने पर खर्च किया। वहीं, पथ निर्माण विभाग ने भी नाला व सड़क निर्माण पर 37 करोड़ रुपए खर्च किया। इसके बावजूद शहर के लोगों को पहली बारिश में राहत नहीं मिली। जलजमाव से सबसे ज्यादा परेशानी मालगोदाम चौक-स्टेशन रोड, मोतीझील-कल्याणी रोड, मोतीझील फ्लाईओवर के नीचे, आमगोला-अघोरिया बाजार रोड में लोगों को झेलनी पड़ी।
राहत… स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज से मिठनपुरा का पानी तेजी से निकला
मिठनपुरा इलाके को जलजमाव से निजात दिलाने के लिए पथ निर्माण विभाग व बुडको ने तकरीबन 30 करोड़ खर्च किए हैं। शहर का पहला स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज मिठनपुरा से नारायणपुर तक बना है। पथ निर्माण विभाग व बुडको दोनों का दावा है कि पानी टंकी चौक से मिठनपुरा तक बना नाला और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज दोनों तेजी में पानी खींच रहे हैं। इस कारण इलाके से पानी की निकासी तेजी से होगी। जलजमाव नहीं होगा।
विधायक की गली, मेयर-डिप्टी मेयर के चैंबर में भी घुसा पानी
मानसून की पहली झमाझम बारिश में आम ही नहीं, खास लोगों के इलाके भी डूबे। नगर विधायक की गली में भी पानी भर गया। नगर निगम दफ्तर में तो मेयर-डिप्टी मेयर के चेंबर में भी पानी घुस गया। यही नहीं, कल्याणी चौक मंदिर व बगलामुखी मंदिर परिसर में भी पानी भर गया। इधर, मोतीझील में कई दोपहिया व ई-रिक्शा पानी में बंद हो गए। कई बाइक सवार व ई रिक्शा पानी में दुर्घटनाग्रस्त भी हुए। बनारस बैंक चौक से चतुर्भुज स्थान होते हुए मंदिर के आगे तक डेढ़ से दो फीट पानी मेन रोड पर लगा। एमएसकेबी, बालूघाट व अखाड़ाघाट में इसी तरह की
स्थिति रही।






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