आपने फूलों की क्रॉस ग्राफ्टिंग तो सुनी होगी, पर क्या अपने कभी फलों की क्रॉस ग्राफ्टिंग सुनी है। जी हां, इस बात को सच कर दिखाया है कटिहार के रौतारा गांव के रहने वाले कालीदास बनर्जी ने। जिन्हें इन दिनों बिहार में मैंगो मैन के नाम से भी लोग जानने लगे है।
मैंगो मैन कालीदास के पास 10 एकड़ में खुद का आम का बगीचा है, जिसे राष्ट्रवादी आम का बगीचा कहते है। उस बगीचे में करीब 450 पेड़ हैं, जिसमें कुल 29 प्रकार के आम की पैदावार होती है। कुछ के नाम ‘विवेकानंद’ हैं तो किसी के ‘चितरंजन’ आम है। जब भी आम का सीजन आता है तो इनके बगीचे की खूब चर्चा होती है। बिहार के साथ झारखंड, उड़ीसा और बंगाल से भी लोग आम खरीदने आते हैं।

बिहार में मैंगो मैन कालीदास बनर्जी।
कालीदास बनर्जी ने बताया,कि अभी वो दो और किस्मों के आम की पैदावार में लगे हुए हैं। जिसका नाम मोदी और योगी पर रखने वाले हैं। उन्होंने कहा कि बचपन से ही आम से बहुत लगाव था। क्लास 7 में थे तब से ही स्कूल से छुट्टी के बाद आम के बगीचे में जाया करते थे। सोचते थे कि अलग-अलग किस्म के आम को कैसे पैदा किया जाए। उन्होंने इसमें रुचि दिखाई और आम की क्रॉस ग्राफ्टिंग करवाने लगे।

बताया कि उनके बगीचे के आम की एक खासियत यह भीं है कि क्रॉस ग्राफ्टिंग के द्वारा जो आम की पैदावार की जाती है। वो 50-60 km/h की तेजी से हवा में भी टूटकर नहीं गिरते हैं। उनके बगीचे के आम का रेट मार्केट से सस्ता रहता है। बताया कि कुछ खरीदार उनके बगीचे से 50 रूपए किलो के हिसाब से कच्चा आम लेकर गए हैं।




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