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पटना पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन राजभवन पहुंच गए चिराग पासवान

भारतीय सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाई गई ‘अग्निपथ’ स्कीम का पूरे बिहार में जबरदस्त विरोध हो रहा है. ‘अग्निपथ’ को लेकर युवाओं का आक्रोश बिहार के कई जिलों में शनिवार यानी चौथे दिन भी जारी है. अग्निपथ स्कीम को वापस लेने की मांग को लेकर आज विभिन्न छात्र संगठनों ने बिहार बंद बुलाया है. आरजेडी, जीतनराम मांझी की मांझी की पार्टी हम समेत बिहार की तमाम विपक्षी दलों ने बंद का समर्थन किया है. वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जमुई से सांसद चिराग पासवान ने छात्रों के समर्थन राजभवन मार्च किया और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा.

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद चिराग पासवान ने कहा कि इस मार्च का एक उद्देश्य यह भी है कि शांतिपूर्वक तरीके से भी आप अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं. जिस तरह तीन दिन से बिहार ही नहीं पूरा देश जल रहा है. ये एक माध्यम है कि आप शांति तरीके से भी विरोध कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमलोग राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना चाहते थे लेकिन रास्ते में ही रोका गया. जहां पुलिस ने हमें रोका, हम रुक गए क्योंकि हम उनकी परेशानी नहीं बढ़ाना चाहते थे . चिराग ने कहा कि राज्यपाल से हमलोगों की प्रशासन तो मुलाकात नहीं करवा पाए लेकिन राज्यपाल के वरिस्थ अधिकारियों के समक्ष राजभवन में हमलोग ज्ञापन सौंप कर आए हैं. इसमें सारी बातों को रखी गई है.

इससे पहले ‘अग्निपथ’ को लेकर हो रहे विरोध पर चिराग पासवान ने कहा कि ये प्रदर्शन दर्शाता है कि छात्र नए नियमों से खुश नहीं है. 4 साल की नौकरी के बाद आखिर युवा कहां जाएंगे. युवाओं के भविष्य की चिंता सरकार को नहीं है. उन्होंने कहा कि योजना लाने से पहले राय-मशवरा नहीं किया गया है. सभी दलों से राय-मशवरा करना चाहिए. इससे पहले किसान बिल में भी यही हुआ था, उसे वापस लेना पड़ा था. चिराग पासवान ने कहा कि सेना बहाली में युवाओं को भरोसे में लेना था. उनसे बात करनी थी.

बता दें कि केंद्र सरकार ने सेना की तीनों शाखाओं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती के लिए अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की है. इस योजना के तहत 4 साल के लिए सेना के तीनों अंगों में युवाओं की भर्ती की जाएगी. हर साल 10वीं और 12वीं पास सारे 17.5 साल से 21 साल के 46 हजार युवाओं की भर्ती होगी जो अग्निवीर नाम से जाने जाएंगे. 4 साल बाद योग्यता के आधार पर 25% तक अग्निवीरों को सेना में लंबी अवधि के लिए रखा जाएगा. बाकी को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा. 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद अग्निवीरों को 10.4 लाख रुपए की सेवा निधि और उस पर ब्याज मिलाकर कुल 11.71 लाख मिलेंगे.

Input : LiveCities

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