सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर में एक आंगनबाड़ी सेविका के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसमें आरोप लगाया गया है, कि उक्त सेविका फर्जी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा कर आंगनबाड़ी सेविका पद पर बहाल होकर नौकरी कर रही है। उक्त मामला रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के बघारी पंचायत स्थित वार्ड नंबर 15 के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 335 की है। जहां के सेविका उषा देवी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। मामले में रुनीसैदपुर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अर्चना पांडे ने उक्त सेविका उषा देवी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
डीपीओ आईसीडीएस के 2 जून 2022 के पत्र के आलोक में सीडीपीओ ने रुनीसैदपुर थाने में आंगनबाड़ी सेविका उषा देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वर्ष 2018 में आंगनबाड़ी सेविका पद पर कुल 7 आवेदन किया गया था। जिसमें मेधा सूची में कुल 5 अभ्यर्थियों का नाम आया। जिसमें उषा देवी रूबी कुमारी, सुनीता देवी, पूर्णिमा कुमारी और आरती कुमारी शामिल हैं।
इसके बाद रामनाथ शाह की पत्नी उषा देवी का चयन फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर किया गया। इसके बाद द्वितीय अभ्यर्थी संजय कुमार की पत्नी रूबी कुमारी अधिकारियों के पास इस आशय की जानकारी दी और जांच की मांग की थी। जिसमें इस मामले का खुलासा किया गया। जांच के दौरान उषा देवी का शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।






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