बाहुबली विधायक अनंत सिंह की विधायकी अब खतरे में पड़ गई है। मोकामा विधानसभा की सीट से उन्हें अपना हाथ धोना पड़ सकता है। उनके पुश्तैनी घर से मिले AK-47 के मामले में उन पर IPC के साथ ही आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। ऐसे में उन्हें कम से कम 7 साल या इससे अधिक उम्र कैद की सजा सुनाई जा सकती है।
दरअसल, मंगलवार को पटना में MP-MLA कोर्ट ने विधायक के पुश्तैनी घर से बरामद एक AK-47, 26 गोली, 2 हैंड ग्रेनेड और एक मैगजीन के मामले में दोषी पाया है। अब कोर्ट 21 जून को सजा सुनाएगी। पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट प्रभात भारद्वाज के अनुसार, विधायक अनंत सिंह को कम से कम 7 साल या इससे अधिक उम्र कैद की सजा कोर्ट सुना सकती है। ऐसे में इनकी अनंत सिंह को अपना विधायक गंवानी पड़ सकती है। बता दें, 2 साल से अधिक की सजा मिलने पर विधायकी समाप्त होने का प्रावधान है।
पुलिस ने इन धाराओं का किया था इस्तेमाल
अनंत सिंह के बाढ़ स्थित पुश्तैनी घर पर पटना पुलिस की टीम ने 16 अगस्त 2019 को छापेमारी की थी। उनके घर पर अवैध तरीके से रखे गए हथियार, हैंड ग्रेनेड और गोली बरामद हुई थी। इस मामले में पुलिस ने अपने ही बयान पर बाढ़ थाना में FIR नंबर 389/19 दर्ज किया था।

उस वक्त इस केस में IPC की 414, 120B, 25(1)(B)(A) आर्म्स एक्ट, 25(1)(a) आर्म्स एक्ट, 25 (1)(AA)r/w 35 आर्म्स एक्ट और 3/4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के साथ ही 13 UAPA एक्ट की धारा को भी जोड़ा गया था। हालांकि, अनंत सिंह के वकील के मुताबिक बाद में पुलिस ने 13 UAPA एक्ट को वापस ले लिया था। इस धारा के तहत पुलिस ने चार्जशीट भी नहीं किया था।
धाराओं के आधार पर इस तरह से सजा का प्रावधान
- IPC 414 – छीपाकर हथियार लाने की वजह से धारा को लगाया गया था और इसमें अधिकतम 3 साल की सजा का प्रावधान है।
- IPC 120B – संलिप्तता के आधार पर मूल सजा के अनुसार
- 25(1)(B)(A) आर्म्स एक्ट – 10 साल की सजा या फिर जुर्माना के साथ आजीवन कारावास तक की सजा।
- 25(1)(a) आर्म्स एक्ट – कम से कम 7 साल और इससे अधिक 10 साल की सजा का प्रावधान है।
- 25 (1)(AA)r/w 35 आर्म्स एक्ट – 7 साल या आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।
- 3/4 विस्फोटक अधिनियम – आम लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए विस्फोटक रखने वाले को 10 साल या आजीवन कारावास की सजा दिए जाने का प्रावधान है।


कोर्ट में सरेंडर करने के बाद विधायक को थाने ले जाती दिल्ली पुलिस। (फाइल फोटो)
उस वक्त सिंह मोकामा से निर्दलीय विधायक थे। पुलिस की तरफ से इस कार्रवाई को उस दरम्यान बाढ़ की ASP रही लिपि सिंह ने किया था। इस मामले में विधायक के घर के केयर टेकर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बतौर ASP लिपि सिंह ने उस वक्त दावा किया था कि बाढ़ में अनंत सिंह के घर से बड़े पैमाने पर हथियार की तस्करी करने की सूचना मिली थी। इसके बाद इसकी जानकारी पटना की SSP गरिमा मलिक को दी। फिर तात्कालीन DGP गुप्तेश्वर पांडेय को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया था।

उस वक्त विधायक पटना में सरकारी आवास पर थे। मगर, जब पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की तो वो पटना छोड़कर फरार हो गए थे। 23 अगस्त 2019 को उन्होंने दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर किया था।



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