एमबीए चायवाला और पटना की ग्रेजुएट चायवाली वाले के तर्ज पर बाद भागलपुर शहर में बीए पास चिकन वाला स्टॉल खुला है। दो दोस्तों ने मिलकर एक माह पहले इसकी शरुआत की है। ये अपना स्टॉल मेडिकल कॉलेज के गेट के सामने लगाते हैं। 60 रुपए में शुद्धता के साथ लोगों को भोजन कराते हैं।
दो दोस्तों में अनंत सिंह सुल्तानगंज के कटहरा के रहने वाले हैं। ये दिल्ली यूनिवर्सिटी के अरविंदो कॉलेज से इतिहास में स्नातक हैं। जबकि शुभम आनंद मधेपुरा जिले के फुलौत के रहने वाले हैं। ये टीएमबीयू से इतिहास में स्नातक हैं।
लोन और दोस्तों की मदद से लगाया स्टॉल
अनंत ने बताया कि उसके पिताजी किसान हैं। शुभम ने बताया कि उसके पिता गांव में खाद-बीज की छोटी सा दुकान चलाते हैं। दिल्ली में रेहड़ी लगाने वाले को देखकर मन में ये ख्याल आया था। अपने बचपन के दोस्त शुभम से इसकी चर्चा की। दोनों ने घर से कुछ सहायता मांगी, लेकिन नहीं मिली तो पेटीएम से लोन के लिए अप्लाई किया।
तीस हजार रुपया लोन मिला। इसके बाद दोस्तों से मदद मांगी तो कुल 60 हजार जमा हुए। एक माह हो गया है। अब मां और पापा भी धीरे-धीरे समझने लगे हैं। लेकिन गांव-समाज के लोग कटाक्ष करते कि पढ़ने के बदले सड़क पर मुर्गा-चावल बेचता है।
स्टार्टअप चला तो शहर में और स्टॉल खाेलेंगे
अनंत बताते हैं कि शहर में चिकन-चावल तो बहुत लोग खिलाते हैं, लेकिन शुद्धता हमारी पहचान है। इसे बनाने में हम घर के तैयार किये शुद्ध मसालों और शुद्ध सरसों का तेल का उपयोग करते हैं।
शुभम ने बताया कि यू ट्यूब पर रेसिपी बनाने वालों के वीडियो में सीक्रेट मसाले का नाम बार-बार आता था, तो इसके बारे में सर्च किया तो पाया की ये घर में तैयार किये जाते हैं। तो हमलोगों ने इसे अपनाया। शुरुआत में 10 से 20 प्लेट की बिक्री होती थी, लेकिन अब 50 प्लेट तक बिक्री हाे रही है। अगर स्टार्टअप चला, तो शहर में और स्टॉल खोलेंगे।






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