बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय के तहत पेयजल योजना अमरपुर क्षेत्र में पूरी तरह भ्रष्टाचारियों की भेंट चढ़ गयी है। शहरी व ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है। शुक्रवार को कुशमाहा के वार्ड-12 चकसिया गांव में लोगों पेयजल के जमकर अपना आक्रोश प्रदर्शित किया है। वार्ड में पिछले पंचवर्षीय योजना के तहत जलमीनार का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन आज तक टंकी ही नहीं लगायी जा सकी है। जिससे लोगों को पेयजल की आपूर्ति नहीं हो सकी है।
जबकि कनेक्शन के नाम पर घोर धांधली बरती गयी है। करीब छह सौ आबादी में मात्र 40 फीसदी ही कनेक्शन किया गया है। उसपर भी कहीं पाईप कनेक्शन अधूरा है, तो कहीं नल नहीं लगा है। टंकी ही नहीं लगे रहने की वजह से आज तक पानी घरों तक नहीं पहुंच पायी है। जबकि वार्ड में पूर्व से पीएचडी विभाग के द्वारा जलमीनार बनायी गयी है, जिसका बोरिंग फेल हो चुका है। जिससे आजिज हाेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की है।
अधिकतर हैंडपंप तक है खराब, भीषण गर्मी में कैसे बुझेगी लोगों की प्यास
गांव के अधिकतर चापानल खराब हो चुके हैं, जिसके कारण ग्रामीणों में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है। मौके पर ग्रामीण सुनीता देवी, रेखा देवी, कविता देवी, मैथिली देवी चंदा देवी, मालती देवी, बरूण यादव, जितेन्द्र यादव, मंटू यादव, दिनकर यादव आदि ने बताया कि इस गर्मी में हमलोग पीने के पानी को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे हैं।
गांव में लगे अधिकांश हैंडपंप ने लेयर छाेड़ दिया है, जिस कारण भी पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है। ग्रामीणों को दो किलोमीटर चलकर जोगिया बहियार से पानी लाना पड़ रहा है। जिसके बाद घर का काम-काज होता है।
गुहार के बाद भी नहीं हो सका है निदान
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के निदान को लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाया, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा ग्रामीणों को कुछ नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया पंचायत के पूर्व वार्ड सदस्य पंकज मंडल के नेतृत्व में दो वर्ष पूर्व ही जलमीनार बनाया गया था, जो आज तक अधूरा है।
जलमीनार के समीप प्राक्कलन राशि का कोई बोर्ड नहीं लगा हुआ है। मामले को लेकर वार्ड नंबर 12 के निवर्तमान वार्ड सदस्य आशा देवी ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को लेकर विगत 13-14 मई को बीडीओ से मिलकर मामले की जांच कर अविलंब टंकी को चालू कराने की गुहार लगाई, ताकि गर्मी में ग्रामीणों को पीने का पानी मुहैया हो सके, लेकिन अफसोस अधिकारियों ने समस्या के निदान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।



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