पीएमसीएच की जीएनएम छात्राओं की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गर्दनीबाग में सातवें दिन भी जारी रही। इनमें से कई की तबीयत बिगड़ रही है। इसके बाद भी डटी हैं। छात्राओं ने कहा कि हमलोगों की एक ही मांग है। जब नामांकन पटना में हुआ है तो छात्रावास भी यहीं रखा जाए। हम किसी भी हाल में वैशाली के राजापाकड़ नहीं जाएंगे। वहां आए दिन आपराधिक घटनाएं होती रहती हैं।
जहां हाॅस्टल ले जाया जा रहा है, उसके 10 किलोमीटर के दायरे में आबादी नहीं है। धरना की अध्यक्षता कर रही छात्रा प्रेरणा ने कहा कि जब हमलोगों का नामांकन पीएमसीएच में हुआ, ताे रहेंगे भी यहीं। मेडिकल के छात्रों को पटना में हाॅस्टल मिल जा रहा है, तो हमें क्यों नहीं? जब हमें वैशाली ही भेजना था तो नामांकन पीएमसीएच में क्यों किया गया? अगर सरकार पटना में रखने में सक्षम नहीं है तो हमें एचआरए उपलब्ध कराए, जिससे हम किराया पर मकान लेकर रह सकें। जब तक हमारी मांगों को नहीं माना जाता है, तब तक हम भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
लाठीचार्ज की हाे जांच, दाेषियाें काे मिले सजा
सचिव रौशनी कुमारी ने कहा कि हम सभी प्रशिक्षु छात्राओं पर पुलिस ने 6 मई को लाठीचार्ज किया था, जिसकी जांच जल्द से जल्द हो और दोषियाें पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जब तक हमारी मांगों को नहीं माना जाता है, तब तक हम भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। अगर हमारे साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। भूख हड़ताल में प्रेरणा, रौशनी, पूनम कुमारी, लवली कुमारी, प्रियंका, रानी, तुलिका प्रिया आदि शामिल थीं।



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