सिविल सर्जन डा. अनिल कुमार ने बाढ़ की तैयारियों को लेकर बैठक की। बताया कि बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी कुशेश्वरस्थान, गौड़ाबौराम, अलीनगर, घनश्यामपुर व हनुमाननगर इलाके में होती है। इस दौरान कई इलाके बाढ़ के पानी में इस तरह से डूब जाते हैं, जहां सड़क मार्ग से जाना संभव नहीं हो पाता।
इस स्थिति से निबटने के लिए नाव चलंत अस्पताल की व्यवस्था की गई है। वहीं जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अनुमंडलीय अस्पतालों में ठोस इंतजाम करने के लिये सभी संबंधित प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए। दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
स्वास्थ्य कर्मियों को कहा गया है कि बाढ़ में सेवा करते वक्त कोरोना गाइडलाइन के तहत मास्क, सैनिटाइजर व शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करेंगे। लोगों को इसके प्रति जागरूक करेंगे। साथ कोरोना जांच व टीकाकरण की भी व्यवस्था को सुचारू ढंग से संचालित कराएंगे। बाढ़ जनित बीमारियों पर खास ध्यान देंगे और तत्काल इलाज करना सुनिश्चित करें। सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा कीट और वैक्सीन के अलावा सांप के दवा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।







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