जिले में गुरुवार की शाम आई आंधी से आम और लीची काे औसतन 20 से 25 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। जिले के 650 हेक्टेयर में लगे आम और 225 हेक्टेयर में लगी लीची प्रभावित हुई है। कहलगांव, पीरपैंती, सबौर, सुल्तानगंज और नाथनगर इलाके में आम काे काफी नुकसान हुआ है जबकि बिहपुर और खरीक इलाके में लीची की फसल प्रभावित हुई है। वैसे भी इस बार पिछले वर्ष की तुलना में आम और लीची के पैदावार में काफी कमी आने वाली है।
दूसरी ओर आंधी ने और कहर ढा दिया है। लेेकिन बागवानाें काे सरकार की ओर से इसकी क्षतिपूर्ति नहीं मिल पाएगी। क्याेंकि कम से कम 33 प्रतिशत नुकसान पर ही आपदा के तहत मुआवजे का प्रावधान है। जिला उद्यान पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि आंधी से जिले में आम काे औसतन 20 से 25% और लीची काे औसतन 15 से 20% का नुकसान हुआ है। प्रखंडवार नुकसान की रिपाेर्ट तैयार की गई है। इसे मुख्यालय भेजी जाएगी। कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 33% की क्षति के बाद ही किसानाें काे आपदा के तहत क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है।

राष्ट्रपति को आम भेजने की तैयारी
जिला उद्यान पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति को हर साल जिले से आम भेजा जाता है। इस साल भी जर्दालु आम भेजने के लिए बाग की पहचान की जा रही है। अगर बेहतर क्वालिटी का काम मिलेगा ताे महामहिम काे भेजा जाएगा।







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