रोहतास में 7 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म प्रयास करने के एक मामले में शुक्रवार को सासाराम न्यायालय के अपर जिला जज छह ने अभियुक्त को 5 साल की सजा सुनाई है। सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अपर जिला जज छह सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम आशुतोष कुमार की अदालत ने दोषी पाये अभियुक्त श्री भुईयां निवासी वाजितपुर, रोहतास को एक हजार रुपये अर्थदंड सहित पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। डेहरी महिला थाना कांड संख्या 69/ 2019 में दर्ज उक्त मामले की प्राथमिकी किशोरी की मां ने दर्ज कराई थी।
नवंबर 2019 का है मामला
मामले में अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक शाहिना कमर ने बताया किउक्त घटना 17 नवंबर 2019 की शाम 7 बजे की थी। जब पीड़िता की मां अपने घर पर खाना बना रही थी। उसकी बेटी उम्र 7 वर्ष छोटी बहन के साथ घर के बाहर खेल रहे थी। कुछ देर बाद वह अचानक रोते हुए घर में आई, तो पूछने पर बताई कि अभियुक्त ने खैनी मांगा और जब मैं खैनी लाने जा रही थी तो हाथ खींच के देवता घर में ले जाकर उसका पैंट खोल दिए और पेट पर चढ़ गए। जब वह रोने लगी तो उसे एक थप्पड़ मार दिए। मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 5 गवाहों को विशेष अदालत में पेश किया गया था।


बाल यौन उत्पीड़न के तहत मिली सजा
विशेष अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अभियुक्त को बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम की धारा 10 एवं भारतीय दंड विधान की धारा 323, 341 354 के तहत दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने आदेश में पीड़िता को दो लाख रुपए की क्षतिपूर्ति के रूप में क्षतिपूर्ति अधिनियम के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को भुगतान करने का आदेश दिया है। विशेष अदालत ने कहा कि क्षतिपूर्ति राशि में से ₹150000 स्वयं के विवेक के आधार पर सावधि खाता में जमा कराएं, जिससे पीड़िता के शिक्षा कौशल विकास हेतु समय-समय पर राशि मिल सके।





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