मुजफ्फरपुर के कुढ़नी थाना क्षेत्र के कफेन गांव में दलालों और भूमाफियाओं की दबंगई का मामला सामने आया है। दिल्ली में बीते 15 सालों से रह रहे अधिवक्ता करण शंकर मणि की पैतृक जमीन को स्थानीय दलालों और भूमाफियाओं ने फर्जी तरीके से बेच दिया। मामला सामने आने के बाद पीड़ित अधिवक्ता दिल्ली से आकर अपने शहर में जमीन वापस पाने के लिए कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता करण शंकर मणि 15 वर्षों से परिवार सहित दिल्ली में रहते हैं। उनकी पैतृक सम्पत्ति को स्थानीय दलालों और उनके ही परिवार के अन्य लोगों की मिलीभगत के साथ धोखे से दूसरे लोगों को रजिस्ट्री कर दिया गया है। घटना फरवरी 2022 में हुई थी, जिसकी सूचना जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को पत्र के माध्यम से दी गई थी, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई न होने के कारण मार्च और अप्रैल 2022 में उनकी लगभग सारी संपत्ति को स्थानीय जमीन के दलालों ने दूसरे लोगों को रजिस्ट्री कर दिया गया।
पीड़ित अधिवक्ता ने बताया कि जब उन्हें इसकी सूचना मिली तो वह परिवार समेत अपने गांव दरियापुर कफेन आए। घर लौटते ही उन्होंने इस घटना की जानकारी मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और तमाम संबंधित अधिकारियों को दी और इस घटना के सन्दर्भ में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत एफआईआर भी दर्ज की कराई गई है।
अधिवक्ता का आरोप है कि एफआईआर के बाद उनके घर पर आकर स्थानीय दलालों ने जानलेवा हमला किया, जिसमें उनके परिवार के सदस्य घायल हो गए। घटना की जानकारी पर पुलिस ने अपराधियों की मोटरसाइकिल भी जब्त की और प्राथमिकी संख्या 200/2022 में धारा 341, 323, 324, 504, 506 और 34 के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना के लगभग 20-22 दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक इसमें कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि इस पूरे प्रकरण की सूचना ऑल इंडिया बार एसोसिएशन तथा सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को भी दे दी गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले जांच की जा रही है, ठोस सबूत मिलने पर कार्रवाई होगी।



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