पूरे शहर में गड्ढा कर छोड़ देने से हादसों के शहर बन जाने का मामला गुरुवार को विधानसभा की प्राक्कलन समिति की बैठक में भी उठा। नगर विधायक विजेंद्र चौधरी ने कहा कि स्मार्ट सिटी के काम में लापरवाही की वजह से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, शुक्रवार को डीएम प्रणव कुमार इसको लेकर इमरजेंसी बैठक बुलाई है। 30 मई तक डीएम शहर में खोदे गए गड्ढों को भरने का काम पूरा करने का अल्टीमेटम दे चुके हैं।
गुरुवार की शाम बारिश के बाद मोतीझील व छोटी सरैयागंज में गड्ढे में पानी भर गया। जिससे सड़क-नाला एक दिख रहा था। खतरनाक स्थिति को देख लोग सहम उठे। गुरुवार को हरिसभा चौक से कल्याणी के बीच एक तरफ नाला बनाने का काम जारी रहा। जबकि मोतीझील में नाला बनाते कहीं भी मजदूरों को नहीं देखा गया। सरैयागंज टावर के आगे भी काम नहीं शुरू हो सका।
स्मार्ट सिटी की टीम ने निर्माण स्थलों पर किया सुरक्षा ऑडिट
स्मार्ट सिटी टीम ने गुरुवार को सुरक्षा ऑडिट के तहत बैरिया गोलंबर से लक्ष्मी चौक होते हुए जूरन छपरा के रास्ते स्टेशन रोड तक नाला बनाने को लेकर सुरक्षा ऑडिट किया। टाउन थाना से अखाड़ाघाट व हरिसभा चौक से मोतीझील तक निर्माणाधीन नाले का जायजा लिया। बैरिकेडिंग नहीं होने पर एजेंसी को चेतावनी दी गई।







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