नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने 34 साल पुराने रोड रेज के एक मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेट नवजोत सिंह सिद्धू को एक साल सश्रम कैद की सजा सुनाई है. जिस वक्त सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, उस वक्त नवजोत सिंह सिद्धू मंहगाई के खिलाफ हाथी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहे थे. फैसला आने के बाद पहली बार नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर कहा कि हम खुद को कानून के हवाले करेंंगे. यानी कानून का पालन करेंगे. यानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई सजा के लिए वे जेल जाएंगे.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवार की पुनर्विचार याचिका को स्वीकार करते हुए आज पुराने फैसले को पलट दिया जिसमें नवजोत सिंह सिद्धू को बरी कर दिया गया था लेकिन मृतक को जान बूझकर चोट पहुंचाने का दोषी ठहराया गया था. इस मामले में 65 साल के बुजुर्ग की बाद में मौत हो गई थी. परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि मौत सिद्धू के मुक्का मारने के कारण हुई. परिवार ने कहा था कि ये महज मारपीट या धक्का-मुक्की का मामला नहीं था. बल्कि इसे हत्या जैसे गंभीर अपराध समझा जाना चाहिए.

नवजोत सिंह सिद्धू का ट्वीट.
मुक्का मारने से 65 साल के एक व्यक्ति की मौत हुई थी
इस मामले में 22 मार्च को नवजोत सिंह सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में दलील थी कि ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे पता चलता हो कि एक मुक्का मारने से किसी 65 साल के व्यक्ति की मौत हुई. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने परिवार वालों की दलील मानी और उन्हें एक साल की सजा सुनाई.



Leave a Reply