मुख्यमंत्री (Chief Minister) नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) लागू होने का सवाल ही नहीं उठता। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) भी वर्ष 2010 के आधार पर ही लागू होगा। किसी भी सूरत में अल्पसंख्यकों (Minorities) के साथ अन्याय (Injustice) नहीं होने दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने ये बातें रविवार को दरभंगा के हायाघाट प्रखंड के चंदनपट्टी स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के सैटेलाइट कैंपस में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास से समझौता कतई नहीं किया जाएगा।
दरभंगा में एम्स और एयरपोर्ट हमारी जिद
नीतीश कुमार ने कहा कि सूबे के विकास (Development) के लिए किसी भी चीज से समझौता नहीं किया जाएगा। जो काम का संकल्प लिया है, उसे पूरा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इस बात का जिक्र किया कि दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और एयरपोर्ट (Airport) की स्थापना उनकी जिद थी। इसके लिए वे अड़ गए थे। कई लोग एम्स और एयरपोर्ट को दूसरी ओर ले जाने के लिए अड़े थे। जब बिहार को दूसरा एम्स मिला तो उसी समय तय कर लिया कि पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के बाद सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज दरभंगा का है।

लिहाजा, यहीं एम्स की स्थापना होगी। इसी तरह जब दो एयरपोर्ट बनाने की बात आई तो सरकार ने तय किया कि दरभंगा और पूर्णिया में बनाए जाएंगे। मौलाना आजाद (Maulana Abul Kalam Azad) को याद करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि देश की आजादी (Freedom Struggle) और शिक्षा (Education) के क्षेत्र में उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता। जैसे लोग महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को याद रखते हैं, ठीक उसी तरह मौलाना आजाद को भी याद रखना चाहिए। उनके जीवन और काम के बारे में नई पीढ़ी को जानकारी होनी चाहिए।
मौलाना आजाद की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय (Minority Boarding School) की स्थापना की जाएगी। जब से सत्ता संभाली, एक-एक कर सभी चीजों को दुरुस्त किया। बिजली, रोड, शिक्षा, स्वास्थ्य के बाद पर्यावरण, शराबबंदी, दहेज-प्रथा, बाल-विवाह सहित कुरीतियों के खिलाफ सामाजिक चेतनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। खुशी हुई कि यहां के छात्र जल जीवन हरियाली को लेकर काफी सजग है। अब तो हर महीने के पहले मंगलवार को सरकारी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में जल जीवन हरियाली पर चर्चा की जाएगी।

Input: Jagran



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