
पीके ने आगे कहा कि इसमें कोई वि’वाद नहीं है कि नीतीश कुमार बिहार में 200 ऐसे विधायक नहीं बना पाये, जो बिहार की राजनीति परिस्थिति को बदल सके। बिहार में राजनीतिक नेतृत्व खड़ा हो, इसी मकसद से 20 फरवरी से बात बिहार की नाम से नया कार्यक्रम शुरू करने जा रहा हूं। तीन लाख लड़के इससे जुड़ गए हैं। 20 मार्च तक दस लाख लड़कों को इससे जोड़ना है। अगले कुछ दिनों में बिहार के 8387 पंचायतों में से एक हजार ऐसे लोगों को चिह्नित कर, उनसे जुड़ना है, जो समझते हैं कि बिहार का अगला दस साल ऐसा होना चाहिए, जो देश के सबसे अग्रणी दस राज्यों में बिहार शामिल हो।

बाद में उसका स्वरूप क्या होग? पार्टी बन जाएगी, मोर्च बन जाएगा। इसमें मुझे कोई दि’क्कत नहीं है। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार को वह चलाएगा जिसके पास इसका ब्लू प्रिंट हो। नीतीश कुमार भी इसमें शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। 15 सालों का उनका अनुभव है, वे आगे आएं और बताएं कि अगले दस सालों का ब्लू प्रिंट क्या होना चाहिए? सुशील कुमार मोदी भी चाहें तो इससे जुड़ सकते हैं।



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