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किसान व छोटे कारोबारियों पर रेलवे मेहरबान, मक्के के लिए किसानों को मिल रहे 600 रुपए प्रति क्विंटल

पूर्णिया जिलो मक्के के कारोबार और उत्पादन के मामले में पूरे बिहार में अब्बल नंबर पर है। पूर्णिया के गुलाबबाग व्यापार मंडी एशिया के सबसे बड़ा मंडी है। यहां से विश्व के कई देशों में धान, गेहूं, मक्का सप्लाई होता है। इन दिनों मक्के का सीजन है इसलिए मंडी में काफी चहल पहल भी है।

कारोबार में किसान व कारोबारी हुए मालामाल

इस बार पूर्णिया जिले में मक्के की उपज जमकर हुई है। किसानों को भी मक्के से उम्मीद से ज्यादा मुनाफा हुई है। दलाल को दूर रखने से मक्के के छोटे कारोबारी और किसान दोनों मालामाल और खुश नजर आ रहे। इससे पूर्व बिचौलिए मालामाल होते थे और किसान व छोटे कारोबारी देखते रह जाते थे। किसानों को उसके लागत मूल्य से भी कम रेट पर मक्का बेचना पड़ता था। लेकिन इस बार रेलवे ने दलाल व बिचौलियों के उम्मीद को पस्त कर दिया।

रेलवे ने किसान व छोटे कारोबारी को दिया मौका

बताया जा रहा है कि इससे पूर्व मक्का माफिया और बड़े कारोबारी रेलवे रैक प्वाइंट को मुंहमांगे रेट में रिजर्व कर लेता था और किसानों को मजबूर कर कम कीमत पर मक्का खरीद कर लेता था। जिससे किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिलता था।

शिकायत जाने के बाद रेलवे के अधिकारी सख्त हुए और किसान व छोटे कारोबारियों को भी रेलवे रैक प्वाइंट उपलब्ध करा दिया. मक्का डायरेक्ट देश के सभी जगहों पर भेजने की सुविधा दी गई. किसानों को उसके लागत मूल्य से ज्यादा मिल रही है.

किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये तक मिला मुनाफा

किसान व व्यापारियों ने बताया कि पहले किसान का मुनाफा बिचौलिए खा लेतै था. पिछले वर्ष मक्का प्रति क्विंटल 12 से 13 सौ रूपये बिका था. लेकिन इस बार प्रति क्विंटल 21 से 23 सौ रूपये क्विंटल किसानों से खरीदा जा रहा है. किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये तक का मुनाफा हो रहा है.

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