पाकिस्तान के कराची से हिंदू श्रद्धालुओं का एक जत्था हरिद्वार गंगा स्नान और मंदिरों के दर्शन के लिए पहुंचा है। पाक के श्रद्धालुओं का कहना है कि पाक के हिंदुओं के प्रति वीजा देने में भारत सरकार को हमदर्दी दिखानी चाहिए। वीजा के लिए उन्हें होने वाली मुश्किलों को खत्म कर सरलीकरण किया जाए। सीएए के सवाल पर उन्होंने इसे केवल सियासत का खेल करार दिया। सभी श्रद्धालुओं ने कहा कि वे पाक में बहुत खुश हैं। उन्हें वहां कोई परेशानी नहीं है। सीएए केवल सियासत का खेल प्रतीत होता है। हमें इससे कोई लेना-देना नहीं है।रविवार को ‘हिन्दुस्तान’ ने पाकिस्तानी हिंदू श्रद्धालुओं से खास बातचीत की। जत्थे में शामिल बुजुर्ग से लेकर बच्चों तक की जुबां पर सिर्फ एक ही बात थी, कि पाकिस्तान से भारत में गंगा दर्शन और तीर्थ यात्रा के लिए आने के लिए ऑन अराइवल वीजा दिया जाए। बीच से एजेंटों के हस्तक्षेप को बंद किया जाए। कहा कि पाक में हिंदू परिवारों के शोषण की बात निराधार है। पाकिस्तान बनने के बाद से हमारे परिवार वहां रहते चले आ रहे हैं। सभी धर्म के लोग एक जैसे नहीं होते। सभी साथ में रहकर एक दूसरे के त्योहार और पारिवारिक समारोह में शामिल होते हैं। महज कुछ लोग सियासत के कारण आपसी रिश्तों में जहर घोलने का काम करते हैं।

शनिवार को पहुंचा 44 श्रद्धालुओं का जत्था
शनिवार शाम को पाकिस्तान के कराची स्थित सुल्तानाबाद नया हाजी कैंप क्षेत्र के 44 हिंदू श्रद्धालुओं का जत्था कनखल स्थित एक धर्मशाला पहुंचा। जत्थे का नेतृत्व कर रहे मुकेश शंकर ने बताया कि बीती 13 फरवरी को पाक से भारत के लिए रवाना हुए थे। बाघा बॉर्डर पहुंचने के बाद अमृतसर से बस से हरिद्वार पहुंचे।हिंदुओं के शोषण जैसी कोई बात आज तक हमारे शहर में किसी के साथ नहीं हुई है। बस केवल इतना जरूर है भारत में जैसे त्योहार की धूम सड़कों पर भी देखने को मिल जाती है, वैसे वहां नहीं मना पाते। फोर्स को छोड़कर सभी विभागों में हिंदुओं को नौकरी भी दी जाती है। –मुकेश शंकर, पाकिस्तानी श्रद्धालु
किसी को कोई परेशानी नहीं है। सभी खुशी के साथ वहां रह रहे हैं। बस केवल अगर परेशानी है तो सिर्फ भारत आने में वीजा को लेकर है। भारत के लिए वीजा में बहुत ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। तब जाकर कहीं यहां के लिए वीजा मिल पाता है। –कांता मोहन लाल, पाकिस्तानी श्रद्धालु
हम लोग गंगा स्नान और तीर्थ स्थलों के दर्शन करने आए हैं। गुजरात में हमारे पुरखे हैं, लेकिन वहां के लिए अनुमति नहीं मिल पाई। यहां आकर काफी अच्छा लगा है। लेकिन पाक हमारी जन्म और कर्म भूमि है। हम सब वहां खुश है। यहां की नागरिकता लेने जैसा हमारे मन में कोई ख्याल नहीं है। –श्याम, पाकिस्तानी श्रद्धालु

वर्ष 2013 में एक बार भारत आए थे। दूसरी बार यहां के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। जत्थे में शामिल सभी लोग पहली बार भारत आए हैं। पाकिस्तान में हिंदुओं के शोषण जैसी कोई बात तो आज तक हमारे साथ नहीं हुई है। इसलिए इस बारे में कुछ नहीं बोल सकते। –शंकर हीरा, पाकिस्तानी श्रद्धालु
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