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जानिए फ्री-बूस्टर डोज में क्यों हुई 72 घंटे की देरी, बिहार सरकार के आदेश के बाद भारत सरकार के पोर्टल ने फंसाया पेंच

भारत सरकार ने 18 से 59 वर्ष के लोगों के लिए कोरोना की बूस्टर डोज को पेड कर दिया था। ऐसे में बिहार सरकार ने बिहार के लोगों फ्री बूस्टर डोज का आदेश दे दिया। हालांकि, आदेश के बाद भी बूस्टर डोज का पेंच फंसा जिससे 72 घंटे का लंबा इंतजार करना पड़ा। आइए जानते हैं बूस्टर डोज के लिए 72 घंटे के इंतजार का क्या है कारण…

दो सरकार के बीच का मामला

भारत सरकार ने 18 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए कोरोना की बूस्टर डोज को हरी झंडी दी, लेकिन इस बार बड़ा पेंच फंस गया था। भारत सरकार के आदेश के मुताबिक फ्रंट लाइन वर्कर और हेल्थ वर्कर के साथ कोमारविड लोगों के लिए सरकारी सेंटर पर मुफ्त में बूस्टर डोज का आदेश दिया था। जबकि 18 से 59 वर्ष के सामान्य लोगों के लिए पेड बूस्टर डोज की व्यवस्था की गई। इसके लिए प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर को लगाया गया। इसके लिए प्रति डोज 350 रुपए का रेट भी निर्धारित कर दिया गया। दो डोज मुफ्त देने के बाद तीसरा यानी बूस्टर डोज के लिए पैसा देना लोगों को रास नहीं आया। इस कारण से बूस्टर डोज शुरू होने के बाद भी सेंटर पर लोगों की भीड़ कम हो गई। प्राइवेट सेंटर पर भी तैयारी नहीं की गई जिससे वैक्सीनेशन को रफ्तार मिल सके। बिहार सरकार ने मुफ्त वैक्सीनेशन को अपना एजेंडा बताया था, इसलिए बिहार सरकार ने मुफ्त बूस्टर डोज का आदेश दिया।

कैबिनेट में पास होने के बाद इंतजार

बिहार सरकार के एजेंडे में शामिल मुफ्त वैक्सीनेशन को लेकर मंथन किया गया। सरकार ने 18 अप्रैल 2022 की शाम साढ़े 4 बजे कैबिनेट में मुफ्त बूस्टर डोज के लिए स्वीकृति दी। इसके बाद 19 अप्रैल को सेंटर पर वैक्सीनेशन कराने वालों की भीड़ लग गई लेकिन कोविन पोर्टल अपडेट नहीं होने के कारण वैक्सीनेशन ठप रहा। प्राइवेट सेंटर पर भी वैक्सीनेशन ठप हो गया क्योंकि लोगों को लग गया था कि अब सरकार ने मुफ्त में बूस्टर डोज का आदेश दे दिया है तो पैसा क्या लगाएं। ऐसे में लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा, क्योंकि पूरा मामला पोर्टल के कारण फंसा रहा।

72 घंटे तक लंबा इंतजार

कोरोना का वैक्सीनेशन कोविन पोर्टल के हिसाब से होता है। वैक्सीनेशन से पहले कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाता है और इससे ही जांच होती है। इसी पोर्टल के माध्यम से ही वैक्सीनेशन का पूरा लेखा जोखा निकाला जाता है। पहली डोज और दूसरी डोज के साथ तीसरे यानी बूस्टर डोज के लिए अंतर का भी इसी से पता चलता है। कोरोना के बूस्टर डोज के लिए बिहार सरकार के आदेश के बाद भी 72 घंटे का इंतजार कोविन पोर्टल के कारण ही हुआ है।

जानकारों का कहना है कि कैबिनेट का फैसला होने के बाद बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बना जहां कोरोना की बूस्टर डोज केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी फ्री किया गया। पोर्टल केंद्र सरकार का है और पूरे देश में इससे ही वैक्सीनेशन होता है। ऐसे में पोर्टल को अपडेट करने में काफी समय लग गया। आम लोगों के साथ सरकार को भी इसके अपडेट होने का इंतजार रहा। गुरुवार को पोर्टल अपडेट होने के बाद कोरोना के बूस्टर डोज का मुफ्त वैक्सीनेशन 18 से 59 वर्ष वालों के लिए सरकारी सेंटर पर हो सका है। कोरोना का मामला बढ़ रहा है और बूस्टर डोज का पहला दिन था इसलिए सरकारी सेंटरों पर काफी भीड़ रही।

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