
उसकी पहचान नहीं हो रही थी, पुलिस ने श’व को जीटीबी अस्पताल के श’व गृह में भिजवा दिया। पुलिस ने पहचान के लिए इ’लाके में घर-घर जाकर लोगों से पूछताछ की। वह समाजिक संगठनों से संपर्क किया। इस दौ’रान मृ’तक की पहचान उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित गंगोली गांव के रहने वाले के रूप में हुई। वहां से पता चला कि मृ’तक गाजियाबाद के लोनी स्थित कृष्णा विहार में परिवार के साथ रहता था। वह मजदूरी का काम करता था। पुलिस लोनी पहुंची और मृ’तक की पत्नी से पूछताछ की। इस दौ’रान पता चला कि मृ’तक की पत्नी का वकील नाम के युवक से अ’वैध संबंध है। वकील मृ’तक बच्चा लाल के साथ ही काम करता था। दोनों के बीच अ’वैध संबंध का पता चलने पर बच्चा लाल सोनिया विहार के यमुना खादर झु’ग्गी में अकेले आकर रहने लगा था। उसने शीला को रुपये देना भी बंद कर दिया था। वहीं बच्चा लाल ने कृष्णा विहार में 50 गज का एक प्लॉट खरीद रखा था।

शीला और वकील ने प्लॉट पर क’ब्जा करने के लिए बच्चा लाल की ह’त्या की साजिश रख डाली। 23 जनवरी को बच्चा लाल और वकील लाजपत राय मार्केट में काम खत्म कर घर के लिए निकले। इस दौ’रान वकील उसका पीछा करते हुए युमना खादर के पास पहुंचे। वहां पहले से शीला भी मौजूद थी। वकील ने पीछे से बच्चा लाल पर हमला कर दिया और पत्थर से पी’टकर उसकी ह’त्या कर दी। श’व को वहां के कू’ड़े में ठि’काने लगा दिया। आ’रोपी शकील उत्तर प्रदेश के बलिया का रहने वाला है। दोनों एक साथ ही काम करते थे। वकील का उसके घर पर आना जाना था। इस दौ’रान शीला से उसकी जनदीकियां बढ़ गई। शीला के पांच बच्चे हैं।



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