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सोने के सिक्के मिले 1 माह बीते, अब भी पहरा, किसान परेशान की खेत में नहीं बो पा रहे फसल

बक्सर जिले के गिरधर बरांव में हरिहर साह के खेत से सोने के सिक्के मिले हुए 27 दिन हो गए हैं। जहां अभी भी पुलिस का पहरा लगा हुआ है, लेकिन किसान अपनी खेती बाड़ी को लेकर चिंतित हैं। सोना मिलने वाली जमीन के अगल-बगल के खेतों में प्याज, बैगन, धनिया, मिर्च की फसल लहलहा रही है। वहीं उस जमीन में इस मौसम में धूल उड़ रहा है।

24 घंटे खाकी वर्दी पहने पुलिस उस जमीन पर चहल कदमी कर रहे हैं। जिससे किसान की परेशानी बढ़ गई है। किसान बटाई पर या खुद उस खेत में सब्जी उपजाता था, लेकिन इस बार उस खेत मे सब्जी नही बो पाया है। अभी कोई सूचना भी नही है कि और कितने दिन तक यह प्रशासन के कब्जे में रहेगा।

किसान बोले- कोई बता नहीं रहा कब तक रहेगा कब्जा

किसान हरिहर साह ने बताया कि उन्होंने 3 डिसमिल खेत 2006 में गांव के ही पंडित जी से खरीदी थी। तभी उस पर मौसमी सब्जी की खेती करते थे। घर के लोगों को भी ताजी सब्जी मिल जाती थी। बेच कर कुछ आमदनी भी हो जाती थी। इस बार प्याज और जेठुआ सब्जी बोने वाले ही थे। तभी भीम की मां ने वहां बांस का टुकड़ा उखाड़ने में सोने के सिक्के मिले तभी से उस जमीन पर प्रशासन का कब्जा हो गया। आगे और कितना दिन रहेगा कोई बता नहीं रहा है। किसान चाहते हैं कि उनकी जमीन से ऐतिहासिक सिक्का मिला है तो इसके रूप में उन्हें सरकार के तरफ से कुछ आर्थिक सहायता दी जाए।

अभी जमीन प्रशासन के कब्जे भी रहेगी : SDO

डुमरांव अनुमंडल के SDO ने बताया कि अभी जमीन प्रशासन के कब्जे में ही रहेगी। क्योंकि पटना से अभी पुरातत्व विभाग की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है। जांच के लिए सैंपल व सिक्के ले गए हैं। वहां से जैसे ही कोई सूचना मिलती है उसके आधार पर आगे का कार्य किया जाएगा। खेत से सोने का सिक्का बिंहसी देवी को 17 मार्च की शाम में मिला था, लेकिन इसकी चर्चा 19 मार्च को धीरे-धीरे तेज हो गई।

दो गार्डों को किया गया है तैनात

इसके बाद 20 मार्च को इस 3 डिसमिल जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया। जमीन की घेराबंदी कर चौकीदार और सोनवर्षा OP के दो गार्ड को यहां तैनात कर दिया गया। वह अभी तक उस खेत की रखवाली में लगे हैं। तैनात गार्ड धनंजय कुमार ने बताया कि 20 मार्च से ही इस खेत की रखवाली में लगे हैं।

इसमें यह देखना है कि घेराबंदी की हुई जमीन में कोई प्रवेश न करे और यहां की कोई मिट्टी न उठाए। दोपहर में बगल के पेड़ के पास से इस पर नजर बनाए रहते हैं। रात में जमीन पर चौकी लगाकर सोते हैं। खाना पीना भी यहीं अपने बनाते हैं।

10 दिन बाद पहुंची थी पुरातत्व विभाग की टीम

नावानगर प्रखंड के गिरधर बरांव गांव में 17 मार्च को खेत में सोने के सिक्के मिलने की चर्चा आ गई थी। इसके बाद 20 मार्च को प्रशासन का पहरा लगा दिया गया। वहीं सूचना के 10 दिन बाद 26 मार्च को डॉ. हर्ष रंजन के साथ पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची और वहां से जमीन से कंकड़ पत्थर के साथ एक 5 किलो का बेलनाकार का पत्थर भी ग्रामीणों से प्राप्त कर ले जाया गया।

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