दिल्ली में रामविलास पासवान को आवंटित बंगला खाली होने के बाद एलजेपीआर अध्यक्ष चिराग पासवान से विपक्षी दलों के नेताओं की नजदीकियां बढ़ गईं हैं. आरजेडी नेता श्याम रजक के बाद आज जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने भी उनसे पटना में मुलाकात की है. दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. वहीं मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि पप्पू यादव, जीतनराम मांझी या फिर मुकेश सहनी मिलने आए, सभी को दिल से धन्यवाद देता हूं.
चिराग पासवान ने कहा कि मेरी सबसे बातचीत होती है. सबके साथ व्यक्तिगत संबंध है. उन्होंने कहा कि मेरे सो मिलने घर को खाली करने के वजह से कोई नहीं आ रहा है. चिराग पासवान को यह एतराज नहीं है कि घर खाली हुआ. आज नहीं तो कल घर खाली करना था. मैं कभी कानून से खेलवाड़ नहीं करूगां. अगर आप नहीं खाली कराते तो मैं खुद खाली कर देता. जितने लोग आ रहे हैं कि इन सबकी अपनी वेदनाएं हैं, जिस तरिके से बाबा साहब और जितने भी महान व्यक्ति हो उनकी तस्वीरें के साथ अनादर किया गया. यह गलत है. घर खाली कराने का ये मतलब नहीं होता है कि उनके तस्वीरें को फेंक दें. सारे नेता अपने बातों को रखने आ रहे हैं. ये लोग अपनी विचोरों को प्रकट कर रहे हैं.
रामविलास पासवान और उनका परिवार 12 जनपथ में लगातार 32 वर्ष तक रहे थे. उनके निधन के एक साल से अधिक वक्त के बाद सरकार ने आखिर खाली करा लिया है. चिराग पासवान को यह बंगला पसंद था और वे चाहते थे कि इसे उनके पिता के नाम पर स्मारक बना दिया जाए. उन्होंने बंगले में अपने पिता की एक प्रतिमा भी लगवा दी थी. रामविलास पासवान पहली बार 1977 में बिहार के हाजीपुर से जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए थे. अक्टूबर 2020 में रामविलास पासवान के निधन के बाद पिछले साल अगस्त में केंद्रीय रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को बंगला आवंटित किया गया था. वहीं, चिराग पासवान को पहले ही सांसदों के लिए आरक्षित फ्लैट आवंटित किया जा चुका है.



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