कोरोना वायरस के खौफ से बिहार आने वाले विदेशी खासकर चीन, जापान, म्यांमार आदि से आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 80 फीसदी तक गिरावट आई है। जनवरी-फरवरी में विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहने वाले गया, बोधगया, राजगीर, वैशाली सहित अन्य जगहों के होटल लगभग वी’रान पड़े हैं।बिहार में अमूमन तीन रास्तों से विदेशी पर्यटक आते हैं। एक बोधगया हवाईअड्डा तो दूसरे पटना हवाई अड्डा और तीसरा नेपाल से होते हुए सड़क मार्ग से रक्सौल के रास्ते। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद फरवरी में एक भी चीनी या जापानी पर्यटक पटना हवाईअड्डा के रास्ते बिहार नहीं पहुंचा है। वहीं, रक्सौल के रास्ते जनवरी से लेकर अब तक केवल तीन चीनी पर्यटक आए हैं। वहीं, बोधगया में जनवरी मध्य से लेकर अब तक मात्र ढाई से तीन हजार पर्यटक ही पहुंचे हैं।

यहां गौर करने वाली बात यह है कि बोधगया में 2018 के जनवरी में 57 हजार 928 और जनवरी- 2019 में 52 हजार 149 पर्यटक आए थे। इसी तरह गया में जनवरी 2018 में 42 हजार 867 व 2019 में 46 हजार 284 पर्यटक आए थे।जनवरी से अब तक बोध गया आने वाले पर्यटकों में 200 चीनी, 150 जापानी और 500 सौ के लगभग म्यांमार के पर्यटक शामिल हैं। हालांकि चीनी और जापानी पर्यटक जनवरी के मध्य में ही बिहार पहुंचे थे। तब कोरोना का खौफ बहुत नहीं था। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जय सिंह कहते हैं कि वियतनाम, हांगकांग, कोरिया आदि देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी भारी कमी आई है। इस मौसम में विदेशी पर्यटकों की भरमार रहती थी, लेकिन इन देशों के 80 फीसदी पर्यटकों ने होटलों की बुकिंग रद्द करा दी है। थाईलैंड से थोड़े बहुत पर्यटक आ रहे हैं। फरवरी में ही लगभग 100 गु्रप बुकिंग कैंसिल हुई।नेपाल से रक्सौल के रास्ते आने वाले विदेशी पर्यटकों की औसत संख्या अभी प्रतिदिन 6 से 7 रह गई है। चीन, जापान, म्यांमार आदि देशों से आने वालों की संख्या अभी लगभग न के बराबर है।

-प्रेम सिंह, इमिग्रेशन अधिकारी, रक्सौल
कोरोना के कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी घटी है। हालांकि घरेलू पर्यटक आ रहे हैं। पर्यटन के लिए फरवरी का महीना महत्वपूर्ण होता है, लेकिन होटल खाली पड़े हैं।
-संजय सिंह, महासचिव,होटल एसोसिएशन बोधगया
बिहार में जनवरी में आते हैं पर्यटक
पर्यटन स्थल 2018 2019
गया 42867 46284
बोधगया 57928 52149
राजगीर 23388 23893
नालंदा 22917 29713
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