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आम आदमी पार्टी ने दिया नया नारा- ‘अच्छे होंगे 5 साल, दिल्ली में तो केजरीवाल’

दिल्ली की सभी 70 सीटों पर मतगणना जारी है। रुझानों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। फिलहाल AAP 58 सीटों पर आगे चल रही है तो सिर्फ 12 सीट पर भारतीय जनता पार्टी उसे टक्कर दे रही है। वहीं, कांग्रेस शून्य पर सिमटती दिखाई दे रही है। इस बीच जीत से पूरी तरह आश्वस्त AAP ने नया नारा गढ़ा है- अच्छे होंगे 5 साल, दिल्ली में तो केजरीवाल।आं’दोलन की जमीन से उठकर देश के सियासी गलियारे में अलग पहचान बनाने वाले अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दिल्ली के दबंग वही हैं। आम आदमी पार्टी को लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव में प्र’चंड जीत की दह’लीज तक पहुंचाने वाले अरविंद केजरीवाल ने साबित कर दिया कि दिल्ली में उनका नहीं विकल्प है। वर्ष 2013 में तीन बार मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को भारी मतों से हराकर केजरीवाल ने सभी को हैरान कर दिया था।

नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल का ग्राफ चुनाव दर चुनाव ऊपर ही होता गया। अब तक के रूझानों में 56 सीटों पर आप आगे चल रही है और केजरीवाल तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं।वर्ष 2013 और फिर वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल के अलावा प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, डॉ. कुमार विश्वास, अाशुतोष जैसे बुद्धिजीवी थे, जो थिंक-टैंक की भूमिका अदा कर पार्टी की चुनावी रणनीति तैयार करते थे। वर्ष 2015 की चुनावी जीत में इनकी अहम भूमिका थी। हालांकि, इसके बाद पार्टी की अंदरूनी राजनीति के कारण किसी से पार्टी ने किनारा किया तो किसी ने खुद ही पार्टी से खुद को अलग कर लिया था। वर्ष 2020 में चुनावी रणनीति तैयार करने से लेकर प्रचार की कमान खुद केजरीवाल ने संभाली और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ मिलकर पूरी दिल्ली में चुनाव प्रचार कर जनता से सीधे संवाद किया।

केजरीवाल ने फीकी की शीला की चमक

वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में 52.16 फीसद मत लेकर भाजपा प्रत्याशी विजय जॉली को हराने वाली शीला दीक्षित की चमक को अरविंद केजरीवाल ने वर्ष 2013 में फीका कर दिया। वर्ष 2008 में शीला ने जहां 39778 मतों से जीत द’र्ज की थी। वहीं केजरीवाल ने वर्ष 2013 में शीक्षा को 25864 मतों से हराकर नई दिल्ली सीट पर बड़ा उलटफेर कर दिया। इस चुनाव में केजरीवाल को जहां 53.46 मत फीसद के साथ 44269 मत मिले थे। वहीं शीला दीक्षित को 22.23 मत फीसद के साथ 18405 मत ही मिले थे।

दोबारा चुनाव में और बढ़ा केजरीवाल का ग्राफ

वर्ष 2013 में शीला दीक्षित को हराने वाले केजरीवाल को ग्राफ वर्ष 2015 के विस चुनाव में और तेजी से बढ़ा। एक साल के अंतर पर दोबारा हुए चुनाव में केजरीवाल ने भाजपा प्रत्याशी नूपुर शर्मा को 31583 मतों से हराया। केजरीवाल को जहां 64.14 मत फीसद के साथ 57213 मत हासिल किए थे। वहीं नूपुर शर्मा को 28.73 मत फीसद के साथ 25630 मत मिले थे।

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