मुजफ्फरपुर के विवेक कुमार (26) का शव जयपुर से शनिवार को शंकरपुरी पहुंच गया। एम्बुलेंस से उसका श’व लेकर पिता सागर साह, मौसा और दो भाई पहुंचे। शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इधर, बेटे की मौत से मां अनजान थी। बेटे की लाश देखते ही वह फफक पड़ीं। बार-बार बेहोश हो रही हैं। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि जो बेटा अगले महीने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी लेकर लौटने वाला था, आज उसकी लाश लौटी है।
मां की हालत बहुत खराब है। वह कुछ भी बोलने या बात करने की स्थिति में नहीं हैं। आसपास के लोग उनकी हालत देखकर उन्हें पकड़ते हैं। वह बेहोश होकर गिर जाती हैं। फिर पानी का छींटा मारकर उन्हें होश में लाया जाता है। होश आते ही हमर बेटा, हमर बेटा कहकर चीखने लगती है। आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद वे अपने बेटे के शव के पास पहुंचीं और गले से लगाकर चीत्कार करने लगीं। उनके साथ आसपास की कई महिलाएं और अन्य लोग भी थे। ये दृश्य देखकर हर किसी का दिल दहल उठा।

गले से लगाकर चीत्कार करने लगीं विवेक की मां।
मां को बताया गया था कि बेटे का एक्सीडेंट हुआ
विवेक की मां सीता देवी को बेटे की मौत का पता नहीं था। वे बेतिया स्थित अपने मायके में थी। उन्हें बताया गया था कि विवेक का एक्सीडेंट हुआ है। यहां से लोग गए हैं। वे मायके से शंकरपुरी स्थित अपने घर पहुंची। बेटे के एक्सीडेंट की बात सुनकर दुखी थी। आसपास के लोगों से भी उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं देने की गुहार लगाई गई थी, लेकिन जब आज सुबह से घर पर काफी लोग जुटने लगे तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने विवेक के बारे में पूछना शुरू किया। वे हर किसी से जानना चाह रही थी कि आखिर क्या हुआ है। आसपास की महिलाएं रोने लगी।
पानी का छींटा मारकर उन्हें होश में लाया जाता
विवेक के भाई राहुल ने बताया, ‘जब से मां ने भैया के एक्सीडेंट की खबर सुनी है, तब से ठीक से खाना भी नहीं खा रही है। आज सुबह से खाना तो दूर, पानी भी नहीं पी रही थी। उनकी हालत बहुत खराब है। वह कुछ भी बोलने या बात करने की स्थिति में नहीं हैं।’

आसपास के लोग उनकी हालत देखकर उन्हें पकड़ते हैं। वह बेहोश होकर गिर जाती हैं। फिर पानी का छींटा मारकर उन्हें होश में लाया जाता है। होश आते ही हमर बेटा, हमर बेटा कहकर चीखने लगती है। आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद वे अपने बेटे के शव के पास पहुंचीं और गले से लगाकर चीत्कार करने लगीं। उनके साथ आसपास की कई महिलाएं और अन्य लोग भी थे। ये दृश्य देखकर हर किसी का दिल दहल उठा।

घट’ना के बाद रोते-बिलखते परिजन।
पिता ने कहा- लड़की के परिजन ने किया था कॉल
पिता सागर साह फफक कर एक ही बात कह रहे थे कि लड़की के घरवालों ने जरूर धमकाया होगा। डर से विवेक ने अपनी जान दे दी। उन्होंने कहा, ‘मुझे विवेक के प्रेम सम्बन्ध के बारे में उतना पता नहीं था। अगर वह कहता कि मुझे उससे शादी करनी है तो हमलोगों को कोई आपत्ति नहीं होती। खुशी-खुशी उसकी शादी करवा देते।’
साह ने कहा, ‘जयपुर में भी थाना को आवेदन देकर आए हैं। उसमें 8वीं मंजिल से कूदने की बात बताई है। साथ ही लिखा है कि घटना से पूर्व उसे लड़की के घरवालों का कॉल आया था। वह बात करते-करते कूद गया। मरते वक्त उसके हाथ में ही मोबाइल था। अब दाह संस्कार से मुक्त हो जाएंगे, तब काजीमोहम्मदपुर थाना में भी आवेदन देंगे। क्योंकि, मेरा बेटा मरा नहीं है। उन लोगों ने डरा धमकाकर उसे टॉर्चर कर जान देने पर मजबूर किया है।’



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